यूपी की सरकार ने माना कि यूपी की पुलिस खुद भी बलात्कार के मामलों में शामिल रही है। सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में माना कि चौदह महीने में थानों व अन्य स्थानों पर पुलिस द्वारा 23 बलात्कार किए जाने के मामले दर्ज हुए हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा के श्यामदेव राय चौधरी के एक सवाल के लिखित जवाब में दी।
श्यामदेव राय चौधरी ने जानना चाहा था कि 2014 से फरवरी 2015 तक थानों एवं अन्य स्थानों पर पुलिस द्वारा बलात्कार की कितनी घटनाएं हुईं। जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 जनवरी 2014 से 28 फरवरी 2015 तक थानों और अन्य स्थानों पर पुलिस द्वारा बलात्कार के 23 मामले दर्ज हुए हैं।
इन मामलों में दोषी पाए गए अधिकारियों में कुल 29 अभियुक्त नामजद हुए जिनमें से 11 को गिरफ्तार किया गया। दो ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया जबकि 8 पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच के बाद उनकी नामजदगी गलत पाई गई। शेष के खिलाफ जांच चल रही है।
दर्ज किए गए 23 मामलों में से 15 में जांच के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। सात मामलों में जांच में सुबूत उपलब्ध न होने के कारण अंतिम रिपोर्ट लगाकर जांच समाप्त कर दी गई। एक मामला विचाराधीन है।
पुलिस सेवा नियमावली के तहत तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की गई है। इनमें अलीगढ़ के दो सिपाहियों को बर्खास्त किया जा चुका है। बुलंदशहर के एक सब इंस्पेक्टर को पद से हटाया जा चुका है।
तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही चल रही है तथा दो पुलिसकर्मियों को परिनिंदा प्रविष्टि दी गई है।