कंपनी से पूछा- कार्रवाई क्यों न की जाए
पीएनसी के पत्र के मुताबिक, एनएचएआई ने इस मामले में सहायक कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिसमें कंपनी से पूछा गया है कि उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। नोटिस में जिन संभावित कार्रवाइयों का उल्लेख है, उनमें परफॉर्मेंस सिक्योरिटी का 2 प्रतिशत जुर्माना, संबंधित तकनीकी अधिकारी के खिलाफ तीन साल तक डिबारमेंट की कार्रवाई, सहायक कंपनी की पेवमेंट कंडीशन इंडेक्स (सड़क की स्थिति) रेटिंग घटाना शामिल हैं।
पीएनसी के पत्र के अनुसार ये अभी प्रस्तावित कार्रवाइयां हैं। ये अंतिम दंड नहीं है। कंपनी ने कहा है कि नोटिस का जवाब एनएचएआई को दिया जा रहा है। कंपनी ने बताया कि एनएचएआई के निर्देश के मुताबिक परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक गुप्ता को हटा दिया गया है।
पीएनसी ने कहा है कि प्रभावित हिस्सों की मरम्मत और सुधार पर होने वाला खर्च कंपनी के नियमित रखरखाव बजट का हिस्सा है। यानी 15 साल की रखरखाव अवधि के दौरान सड़क की नियमित और बड़े स्तर की मरम्मत की जिम्मेदारी कंपनी की है।