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UP: अगले छह महीने में 40 फीसदी तक सस्ती होगी पैथोलॉजी जांच, मरीजों को सस्ती दवाओं की तरह सस्ती जांच भी मिलेगी

Thu, 29 Jan 2026 10:40 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ के केजीएमयू में सस्ती दवाओं की तरह सस्ती जांच भी शुरू होगी। संस्थान में एचआरएफ की तर्ज पर आईआरएफ शुरू किया जाएगा। इससे जांच की दर 40 फीसदी तक गिरने के आसार हैं।
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केजीएमयू लखनऊ - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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केजीएमयू में इन्वेस्टीगेशन रिवॉल्विंग फंड (आईआरएफ) के माध्यम से विभिन्न जांच की शुरुआत अगले छह महीने में हो जाएगी। इससे मरीजों को दवाओं की तरह सस्ती जांच की सुविधा भी मिलने लगेगी। उम्मीद है कि नई व्यवस्था से विभिन्न जांच की कीमत करीब 40 फीसदी तक कम हो जाएगी।

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केजीएमयू की ओपीडी में इस समय रोजाना करीब सात से आठ हजार और ट्रॉमा सेंटर में करीब चार सौ मरीज आते हैं। करीब साढ़े चार हजार मरीज यहां भर्ती भी रहते हैं। इन सबकी मिलाकर करीब आठ से दस हजार प्रकार की पैथोलॉजी जांच रोज होती हैं। पैथोलॉजी की जांच में रीजेंट का रोल सबसे अहम होता है। रीजेंट की कीमत ही जांच की दर प्रभावित करती है। इसे देखते हुए केजीएमयू प्रशासन ने भी दवाओं की तरह फंड बनाकर रीजेंट भी सीधे कंपनी से खरीदने की योजना बनाई है।

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संस्थान में हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड (एचआरएफ) के जरिये मरीजों को 40 से 70 फीसदी तक कम कीमत पर दवाएं मिलती हैं। इसी तर्ज पर आईआरएफ की व्यवस्था शुरू करने की योजना बनाई गई है। इसके बाद मरीजों से लिए जाने वाले शुल्क में भी कमी आएगी।

आरएलसी भवन में बनेगा आईआरएफ का सेंटर
केजीएमयू के आरएलसी भवन में अभी तक हड्डी रोग विभाग का संचालन होता था। अब इसे सुपरस्पेशियलिटी सेंटर के नए भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। केजीएमयू प्रशासन ने इसका इस्तेमाल आईआरएफ सेंटर के रूप में करने की बात कही है। स्थान न होने से इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई थी। अब स्थान चिह्नित कर बाकी प्रक्रिया शुरू हो गई है।

केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि मरीजों को सस्ती जांच का लाभ देने के लिए आईआरएफ की व्यवस्था शुरू की जा रही है। स्थान चिह्नित करने के बाद बाकी की प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि अगले छह महीने में मरीजों को सस्ती जांच का लाभ मिलने लगेगा।

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केजीएमयू का पुराना डेंटल भवन किया जाएगा ध्वस्त

जर्जर हो चुका केजीएमयू का पुराना डेंटल भवन ध्वस्त किया जाएगा। इसके स्थान पर नया डेंटल भवन और इसी से सटे स्थान पर एपेक्स सेंटर फॉर चाइल्ड एंड वूमेन हेल्थ का निर्माण होगा। केजीएमयू की ओर से इसके लिए 400 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि पुराने डेंटल भवन को काफी पहले जर्जर घोषित किया जा चुका है। मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए इसके विभाग नए भवन में शिफ्ट किए गए हैं। अब जर्जर भवन ध्वस्त कर नया भवन बनाया जाना है। नए भवन में चार विभाग संचालित करने की योजना है। प्रस्ताव पर शासन की मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू हो जाएगा।

एक ही भवन में मां और शिशु का इलाज केजीएमयू के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (क्वीन मेरी अस्पताल) के पीछे खाली पड़ी जमीन पर एपेक्स सेंटर फॉर चाइल्ड एंड वूमेन हेल्थ का निर्माण होगा। इसका निकास डेंटल भवन की तरफ होगा। यहां एक ही भवन में मां और उसके शिशु को इलाज मिल सकेगा। अभी नवजात को ट्रॉमा सेंटर में स्थित वार्ड में शिफ्ट करना पड़ता है। प्रस्तावित भवन में 100 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट बनेगा, जिसमें 50 बेड मेटरनल इंटेसिव केयर यूनिट (एमआईसीयू) और 50 बेड नियोनेटल इंटेसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) के होंगे।
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