वैसे चौधरी ने पैर तो पूर्व अध्यक्ष और पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. रमापति राम त्रिपाठी के भी छुए लेकिन योगी के पैर छूना बहुत कुछ कह गया। पैर छूकर उन्होंने सम्मान तो दोनों के प्रति प्रदर्शित किया लेकिन योगी के पैर छूना और उसके बाद चौधरी का कुछ मुद्दों पर विशिष्ट शैली में अपनी बातें रखना संदेश दे गए कि सत्ता और संगठन में न सिर्फ सामंजस्य रहेगा बल्कि पूर्ण समन्वय व सहमति से फैसले होंगे। सरकार के काम में संगठन सहायक व सारथी की भूमिका निभाएगा तो कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं को सम्मान दिलाने पर पूरा ध्यान दिया जाएगा।
पंकज चौधरी का मुख्यमंत्री के प्रति सम्मान जताना यह भी बता गया कि वह जानते हैं, 2027 की चुनौती से पार पाने में योगी और उनकी हिंदुत्ववादी छवि की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है। जिस तरह 2027 के एजेंडे पर साथ काम करने और तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने का संकल्प घोषित किया गया, उससे साफ हो गया कि चौधरी और योगी की जोड़ी के बीच कुछ अलग तलाशने वालों को निराशा ही मिलने वाली है।