शहर में खुले पड़े हाईटेंशन लाइन के तार।
अधिशासी अभियंताओं ने बताया कि जब 11 या 33 केवी लाइन पर तार बंधी पतंग गिरती तो बिजली आपूर्ति बाधित होती है। इससे लाइन में शॉर्ट सर्किट के साथ उपकेंद्र के ब्रेकर में जोरदार धमाका होता है। उपकरण भी क्षतिग्रस्त होते हैं।
ऐसे काम करेगा आरएमयू
जानकीपुरम जोन के मुख्य अभियंता वीपी सिंह ने बताया कि 11 और 33 केवी लाइनों के दो-दो अगल-अलग फीडर बनाकर उनके बीच आरएमयू सिस्टम को स्थापित किया जाएगा। इससे 11 केवी के एक फीडर की बिजली गुल होगी तो आरएमयू ऑटोमेटिक उससे कनेक्ट दूसरे फीडर से उपभोक्ताओं की बिजली को चालू कर देगा। इस ऑटोमेटिक ऑपरेशन के लिए स्काडा सिस्टम को विकसित किया जाएगा।
जानकीपुरम 500
गोमतीनगर 300
लखनऊ मध्य 500
अमौसी 500
बिजली व्यवस्था आधुनिक करने के लिए बन रहे प्रस्ताव
राजधानी की बिजली व्यवस्था को आधुनिक करने के लिए लेसा के चारों जोन अमौसी, लखनऊ मध्य, जानकीपुरम, गोमतीनगर में सुधार कार्य के प्रस्ताव तैयार हो रहे हैं। केंद्र सरकार से इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलते ही सुधार कार्य की शुरुआत होगी। - हरीश बंसल, निदेशक (तकनीकी), मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लखनऊ