परिवहन निगम के मुरादाबाद परिक्षेत्र में मृतक आश्रित कोटे से नियुक्त 12 से ज्यादा परिचालकों को ड्यूटी से रोकने का मामला सामने आया है। इन सभी से एक माह तक ड्यूटी भी कराई गई, पर कोर्ट के आदेश का हवाला देकर अग्रिम आदेश तक ड्यूटी करने से रोक दिया गया है। इससे अन्य परिक्षेत्रों में मृतक आश्रित कोटे से नियुक्त परिचालकों को भी नौकरी से रोके जाने का डर सता रहा है।
दरअसल, मुरादाबाद परिक्षेत्र में मृतक आश्रित कोटे से भर्ती एक महिला परिचालक को परिवहन निगम ने नौकरी के अयोग्य ठहरा दिया। इसके खिलाफ महिला ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इस पर क्षेत्रीय प्रबंधक मुरादाबाद ने न्यायालय के आदेश का हवाला देकर अन्य परिचालकों को भी अग्रिम आदेश तक ड्यूटी करने से रोक दिया है। इसकी शिकायत निगम मुख्यालय में प्रधान प्रबंधक (कार्मिक) से भी की गई है। परिचालकों ने बताया कि इन सभी ने 31 मई से तीन जून तक परिक्षेत्र के विभिन्न डिपो में जॉइनिंग देकर ड्यूटी कर रहे थे। परिचालकों ने प्रधान प्रबंधक (कार्मिक) से ड्यूटी पर भेजने की मांग की है।
860 की हो चुकी है भर्ती, 304 बाकी
परिवहन निगम में मृतक आश्रित कोटे पर भर्ती को लेकर लंबे समय से संघर्ष चल रहा था। मुख्यालय पर कई बार धरना-प्रदर्शन भी हुए। निगम ने मुनाफे में आने पर नौकरी देने की बात कही थी। इसी क्रम में मृतक आश्रित कोटे में भर्तियां की गईं। कई परिक्षेत्रों में 860 पदों पर भर्ती हो चुकी है, 304 पर भर्ती बाकी है।
प्रधान प्रबंधक (कार्मिक) परिवहन निगम अंकुर विकास का कहना है कि जिनकी जॉइनिंग न्यायालय के आदेश से पहले हो चुकी है, वे ड्यूटी करते रहेंगे। उन्हें ड्यूटी से नहीं हटाया जाएगा। मुरादाबाद परिक्षेत्र को इस बाबत जानकारी दी गई है। जो परिचालक जॉइन नहीं कर पाए हैं उनकी जॉइनिंग फिलहाल अभी नहीं हो सकती है।