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यूपी: पहले दिन मात्र 25 फीसदी छात्रों की डिजिटल उपस्थिति, ऑनलाइन हाजिरी में रुचि नहीं ले रहे हैं शिक्षक

Thu, 04 Jul 2024 12:02 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

UP Basic SchoolL परिषदीय स्कूलों में इस सत्र से ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था शुरू की गई है। इस व्यवस्था में शिक्षक रुचि नहीं ले रहे हैं। कई जिलों में यह उपस्थिति शून्य रही। 
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यूपी के प्राइमरी स्कूल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने समेत डिजिटल रजिस्टर को लेकर शिक्षक रुचि नहीं ले रहे हैं। विभाग के अनुसार नए सत्र के पहले दिन एक जुलाई को अधिकतम मात्र 25 फीसदी छात्रों की ही उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज कराई गई है। इसमें बदायूं, बहराइच व उन्नाव में छात्र उपस्थिति 0% रही है। गोंडा, बलरामपुर, बाराबंकी समेत नौ जिलों में एक फीसदी उपस्थिति रही है।

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बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय विद्यालयों में प्रयोग होने वाले एक दर्जन रजिस्टर को डिजिटल किया है। इसके लिए एक ऑनलाइन मॉड्यूल बनाया गया है। इसी आधार पर पिछले दिनों यह निर्देश दिया गया था कि स्कूल खुलने के साथ ही बच्चों की उपस्थिति प्रतिदिन ऑनलाइन दर्ज होगी। प्रार्थना सभा के समय सभी शिक्षक उपस्थित होंगे और इसकी भी फोटो अपलोड की जाएगी।

विभाग ने एक जुलाई का सभी 75 जिलों की उपस्थिति का डाटा जारी करते हुए कहा है कि डिजिटल छात्र उपस्थिति पंजिका में किसी भी जिले में छात्र उपस्थिति 25% से अधिक नहीं हुई है। हमीरपुर, कौशांबी, बागपत, हापुड़, प्रयागराज, भदोही, ललितपुर, एटा, लखनऊ, हाथरस, फिरोजाबाद, बुलंदशहर, मेरठ, मैनपुरी, संत कबीर नगर, अमरोहा, कासगंज, अंबेडकरनगर, फर्रुखाबाद में छात्र उपस्थिति 10% या अधिक रही है। 
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महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने सभी एडी बेसिक, बीएसए, बीईओ व शिक्षकों से कहा है कि यह अत्यंत खेद का विषय है। उन्होंने सभी को निर्देश दिया है कि हर दिन इसकी समीक्षा कर डिजिटल पंजिकाओं का शत-प्रतिशत प्रयोग सुनिश्चित कराएं। बता दें, 15 जुलाई से शिक्षकों की भी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज होनी है।

कक्षा-शिक्षण का वीडियो बनाने में रुचि नहीं ले रहे शिक्षक

 प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में प्रभावी कक्षा-शिक्षण के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों से पांच मिनट का वीडियो रिकॉर्ड करने के निर्देश दिए थे। इनका राज्य शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) से परीक्षण कराकर बेहतर वीडियो को अन्य के लिए उपलब्ध कराना था। किंतु शिक्षक इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। मात्र पांच जिलों के ही शिक्षकों ने यह वीडियो बनाए हैं। परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विभाग की ओर से विभिन्न कवायद की जा रही है। इसी क्रम में कुछ शिक्षकों द्वारा भी पढ़ाई में नवाचार किया जा रहा है। इसी को बढ़ावा देने के लिए सभी शिक्षकों से अपने पढ़ाई के दौरान का वीडियो बनाकर उनका मूल्यांकन कराकर गुणवत्ता के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटने का निर्णय लिया गया। फिर इसमें से बेहतर वीडियो को एक पूल बनाकर सभी के लिए उपलब्ध कराना है।
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पांच जिलों से ही आए वीडियो

किंतु मात्र पांच जिलों पीलीभीत, बिजनौर, हाथरस, गौतमबुद्ध नगर व सहारनपुर ने 1949 वीडियो बनाकर भेजे हैं। यहां भी सभी शिक्षकों ने वीडियो नहीं बनाए हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने सभी डायट प्राचार्य से कहा है कि कक्षा शिक्षण से संबंधित पांच मिनट का वीडियो रिकॉर्ड कराकर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। हर विद्यालय के प्रधानाध्यापक अपने यहां के शिक्षकों के वीडियो 10 जुलाई तक खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे। विकास खंड पर एकत्र वीडियो प्राचार्य डायट को 15 जुलाई तक दिए जाएंगे। इसके बाद डायट प्रवक्ता इनका मूल्यांकन करते हुए उसे तीन श्रेणी उत्कृष्ट, मध्यम व सामान्य में बांटते हुए एससीईआरटी को उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने इस प्रक्रिया को 25 जुलाई तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके आधार पर जरूरत के अनुसार शिक्षकों का विषय आधारित तीन दिन, एक सप्ताह व तीन माह का प्रशिक्षण कराया जाएगा। ताकि उनका कक्षा शिक्षण और बेहतर हो सके व बच्चों को इसका लाभ मिले।
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