उत्तर प्रदेश सरकार की स्टार्टअप नीति, 2020 (पहला संशोधन, 2022) का उद्देश्य राज्य में 10,000 स्टार्टअप्स का निर्माण करना है। प्रत्येक जिले में कम से कम एक इनक्यूबेटर स्थापित करना दर से एक साल तक भत्ता दिया जाता है। सफल पेटेंट दाखिल करने पर भारतीय पेटेंट के लिए दो लाख रुपये तक और अंतरराष्ट्रीय पेटेंट के लिए 10 लाख रुपये तक की प्रतिपूर्ति की जाती है। सीड कैपिटल/मार्केटिंग सहायता के रूप में 7.5 लाख से 10 लाख रुपये तक मिलते हैं। महिलाओं, दिव्यांगों, ट्रांसजेंडर, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के व्यक्तियों द्वारा स्थापित स्टार्टअप्स को अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाता है।