फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी : बकाये पर ब्याज देने के लिए चीनी मिलों को नोटिस, आरसी जारी करने की चेतावनी

Fri, 24 Dec 2021 01:32 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

ब्याज का भुगतान न करने पर वसूली प्रमाणपत्र (आरसी) जारी करने की चेतावनी दी गई है।
विज्ञापन
गन्ना - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

किसानों का गन्ना मूल्य दबाए बैठीं चीनी मिलों पर बकाये पर ब्याज देने का दबाव बढ़ गया है। अपर मुख्य सचिव गन्ना एवं चीनी उद्योग संजय आर. भूसरेड्डी ने मुनाफे वाली 10 चीनी मिलों को नोटिस भेजकर किसानों को बकाये पर 12 प्रतिशत साधारण ब्याज की दर से भुगतान करने को कहा है। ब्याज का भुगतान न करने पर वसूली प्रमाणपत्र (आरसी) जारी करने की चेतावनी दी गई है।

विज्ञापन


पेराई सत्र 2012-13, 2013-14 और 2014-15 के  बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। गन्ना आपूर्ति अधिनियम में प्रावधान है कि आपूर्ति के 14 दिन के भीतर किसान को मूल्य अदा न करने पर बकाये पर 12 प्रतिशत की दर से ब्याज देय होगा। हाईकोर्ट ने भी किसानों को बकाये पर ब्याज का भुगतान करने का आदेश दिया है। इसके बाद किसानों को बकाये पर ब्याज मिलने का रास्ता साफ हो गया है। दरअसल, अदालत के  आदेश का पालन न होने पर किसान नेता वीएम सिंह ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर दी थी। इसके बाद अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए गन्ना विभाग को किसानों को उनके बकाये पर ब्याज दिलाने का आदेश दिया है।

हलफनामा तो दिया पर आदेश पालन नहीं
हाईकोर्ट ने उक्त मामले में गन्ना आयुक्त को तलब किया तो वहां उन्होंने हलफनामा देकर कहा कि घाटे वाली मिलें बकाये पर सात और मुनाफे  वाली मिलें 12 प्रतिशत साधारण ब्याज का भुगतान करेंगी। इसका पालन नहीं हुआ तो अदालत की अवमानना का मामला कोर्ट में पहुंचा। इस पर हाईकोर्ट ने कहा है कि चार सप्ताह यानी सात जनवरी 2022 तक इस मामले का निस्तारण करें, अन्यथा 17 जनवरी को गन्ना आयुक्त खुद कोर्ट में पेश हों।
विज्ञापन


इन मिलों को जारी हुआ नोटिस
वीएम सिंह ने बताया कि अपर मुख्य सचिव गन्ना ने मामले में सिंभावली शुगर, किसान सहकारी चीनी मिल स्नेह रोड नजीबाबाद, जेएचवी शुगर, कनोरिया शुगर, अध्युजा शुगर, न्यौली शुगर, केएन शुगर आदि को नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि बकाये पर 12 प्रतिशत ब्याज का भुगतान करें अन्यथा आरसी के लिए तैयार रहें। आरसी जारी होने पर बकायेदार को 10 प्रतिशत कलेक्शन चार्ज अलग से देना पड़ता है।

घाटे वाली 110 मिलों से ब्याज दिलाने का दारोमदार कैबिनेट पर
कोर्ट में दाखिल हलफनामे के अनुसार घाटे वाली 110 मिलों को बकाये पर सात प्रतिशत ब्याज का भुगतान करना है। कानून में 12 प्रतिशत ब्याज देने का प्रावधान है। ऐसे में इसे घटाकर 7 प्रतिशत करने का निर्णय कैबिनेट को करना होगा। अब इसका दारोमदार कैबिनेट पर है।

इनकी मंशा अब भी साफ नहीं है। मिलों को फायदे और घाटे में दिखाने में भी गड़बड़ी की गई है।लाभ वाली मिलें 12 प्रतिशत और हानि वाली सात प्रतिशत की दर से भुगतान तत्काल करें। इस पर अब कोई हीलाहवाली नहीं होनी चाहिए। अदालत का स्पष्ट आदेश हुआ है। -वीएम सिंह, किसान नेता

सपा सरकार ने गन्ना किसानों का ब्याज कैबिनेट में लाकर माफ करने का काम किया था। योगी सरकार ने किसानों के हित में फैसले किए हैं। इस मामले में भी किसान हित में जो आवश्यक होगा, वह कदम उठाया जाएगा। - सुरेश राणा, गन्ना मंत्री

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें