इकाइयों की संख्या 120 से बढ़कर 350 हो गई
33 बड़ी इकाइयों में उत्पादन शुरू हो चुका है, जबकि निर्माणाधीन इकाइयों की संख्या 120 से बढ़कर 350 हो गई है। आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2025 तक पिछले 24 वर्षों में 3048 भूखंड आवंटित किए गए थे, जबकि पिछले एक वर्ष में ही 78 नए आवंटन किए गए।
इन भूखंडों के लिए 220 कंपनियों ने आवेदन किया था। आवंटन पाने वालों में मिंडा, फिल्म सिटी, अंबर और एसेंट जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। पिछले 24 वर्षों में 2250 लीज प्लान जारी किए गए थे, जबकि केवल एक वर्ष में लगभग 500 नए प्लान को मंजूरी दी गई है।
अगले एक वर्ष में यीडा क्षेत्र का आकार नोएडा और ग्रेटर नोएडा से भी बड़ा होने की संभावना है। वर्तमान में 800 इकाइयों के नक्शे पास हो चुके हैं, जिनमें से 400 इकाइयां जल्द ही जमीन पर उतरेंगी। मुकदमेबाजी कम करने के लिए भी विशेष कार्ययोजना लागू की गई है, जिसके चलते हाईकोर्ट में लंबित मामलों की संख्या 3000 से घटकर 600 रह गई है।
फार्मा और मेडिकल डिवाइस पार्क पर फोकस
ललितपुर में बल्क ड्रग फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है, जबकि यमुना सिटी में मेडिकल डिवाइस पार्क आकार ले रहा है। यहां दवाओं के बजाय इम्प्लांट्स, रेडियोलॉजी और एनेस्थीसिया से जुड़े उपकरण बनाए जाएंगे। लगभग 50% क्षेत्र अनुसंधान एवं विकास (R&D) के लिए निर्धारित किया गया है। प्राधिकरण का दावा है कि यह पार्क 18 महीनों में तैयार हो जाएगा।
अप्रत्याशित सकारात्मक परिणाम सामने आए
यीडा के सीईओ आरके सिंह ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ यमुना सिटी क्षेत्र का तेजी से विकास हुआ है। केवल जमीन लेकर काम न करने वाली इकाइयों पर सख्ती के अप्रत्याशित सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस यह एयरपोर्ट वर्ष 2060-61 तक एक लाख करोड़ रुपये की आय वाला केंद्र बनेगा।