मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मेरठ, आगरा, शाहजहांपुर, जालौन, बरेली मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, हरदोई, बाराबंकी, अमेठी, बलिया, वाराणसी, गाज़ीपुर व प्रयागराज में उष्ण लहर (लू) की स्थितियां परिलक्षित हुईं। ऐसी परिस्थितियों में आगामी दो दिनों के दौरान कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने के दृष्टिगत प्रदेश में 27 अप्रैल तक उष्ण लहर (लू) की स्थितियां ऐसे ही जारी रहेंगी।
इसके साथ प्रदेश में कहीं-कहीं उष्ण रात्रि होने की भी संभावना है। इसके बाद एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 27 अप्रैल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश से वर्षा का दौर शुरू होने के आसार हैं। यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश से होकर पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ सकता है। इसके उत्तरोत्तर वृद्धि के साथ मई की शुरुआत तक जारी रहने की संभावना है। इसके दृष्टिगत तापमान में 3-5 डिग्री की गिरावट के कारण 28 अप्रैल से लू की स्थितियों में सुधार होने के आसार हैं। इसी क्रम में राजधानी लखनऊ में भी 26-27 अप्रैल के दौरान कहीं-कहीं लू की स्थितियां बन सकती हैं।
राजधानी में लगातार बढ़ते तापमान के बीच शनिवार को गर्म हवा के थपेड़े परेशान करते रहे। तेज धूप शरीर झुलसाती रही। दोपहर में सड़कों पर सामान्य दिनों के मुकाबले आवाजाही कम नजर आई। मौसम विभाग के अनुसार, अभी दो दिन तक गर्मी से राहत के आसार नहीं हैं।
लखनऊ में अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री रहा, जो सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान भी 25 डिग्री पहुंच गया, जो सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक था। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शुष्क पछुआ हवाएं चलती रहेंगी। 28 से तापमान में पांच डिग्री तक की गिरावट आ सकती है, जिससे लू की स्थितियों में सुधार की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 30 तक लखनऊ में छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। रविवार और सोमवार को भी तापमान में बढ़ोतरी के आसार हैं।