समाजवादी पार्टी सोमवार को सदन में आक्रामक तरीके से सरकार को घेरने के लिए तैयार है। कानपुर देहात सहित विभिन्न स्थानों पर हुई घटनाओं को जोड़कर दोनों सदन में कानून व्यवस्था का मुद्दा जोरशोर से उठाएगी। इसी तरह बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों पर भी सरकार की मुखालफत करेगी। रविवार को शिवपाल की अगुवाई में हुई बैठक में पार्टी के विधान सभा एवं विधान परिषद सदस्यों ने मुकम्मल रणनीति तैयार की है।
समाजवादी पार्टी कार्यालय में शनिवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे हुई बैठक में प्रदेश के सियासी हालात पर चर्चा की गई। ज्यादातर विधायकों ने कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया। विधान परिषद सदस्यों ने शिक्षित बेरोजगारी एवं अध्यापकों के साथ हो रहे अन्याय के मुद्दे की चर्चा की। बैठक की अगुवाई कर रहे शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि हमें जनता केहितों के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करना होगा। सदन में जनहित के मुद्दों को तथ्यात्मक तरीके से रखा जाएगा। प्रदेश में कानून व्यवस्था तार-तार है। महिलाओं का उत्पीड़न हो रहा है। बुल्डोजर के नाम पर जनता का शोषण किया जा रहा है। इससे जुड़े मुद्दों को रिपोर्ट के साथ सदन में रखा जाएगा।
खासतौर से कानपुर देहात की तरह अन्य जिलों में हुई घटनाओं पर संबंधित विधायकों ने रिपोर्ट रखी। इन सभी रिपोर्ट को सम्मिलित कर इसे सदन में रखने की तैयारी है। इसी तरह इस बात पर भी सहमति बनी कि भाजपा लगातार झूठ बोल रही है। इससे प्रदेश की जनता को वाकिफ कराया जाएगा। उसके झूठे वादों पर सदन में रिपोर्ट रखी जाएगी। सभी विधायकों को सदन में उपस्थित रहने और मुद्दे रखते वक्त पूरी तैयारी रखने के लिए कहा गया। बैठक में पार्टी केमुख्य सचेतक डा. मनोज पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, लालबिहारी यादव, आशुतोष सिन्हा सहित अन्य विधायक व विधान परिषद सदस्य मौजूद रहे।
छह साल बाद पार्टी कार्यालय पहुंचे शिवपाल हुए भावुक
वर्ष 2017 के बाद पहली बार शिवपाल सिंह यादव पार्टी विधायकों एवं विधान परिषद सदस्यों के साथ बैठे तो भावुक हो गए। विधायकों ने भी उनका जोरदार स्वागत किया। किसी ने हाथ मिलाया तो किसी ने पैर छू कर आशीर्वाद लिया। सभी विधायकों ने यह भरोसा दिया कि अब वह साथ हैं तो हर स्तर पर संघर्ष करेंगे। विधायकों को संबोधित करते हुए शिवपाल ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट रहने होगा। उन्होंने विधायकों की ताकत समझाते हुए आह्वान किया कि जनहित के लिए हर स्तर पर संघर्ष करें। शिवपाल ने कहा कि अब वह ताउम्र पार्टी के साथ रहेंगे। सभी को एकजुट करके भाजपा का विरोध करेंगे। विधायकों को संबोधित करते हुए कहा कि नेताजी ने जो विरासत सौंपी है, उसे बचाए रखने के लिए हर विधायक एवं पार्टी नेता को एकजुट रहना होगा। जनता केहितों की रखा केलिए संघर्ष करना होगा। यह संघर्ष सड़क से लेकर सदन तक होगा। उन्होंने विधान सभा सत्र में सवाल लगाने से पहले संबंधित मुद्दे पर पूरी तैयारी रखने के लिए कहा। मालूम हो कि 2017 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पार्टी के अंदरखाने में हुए विवाद के बाद शिवपाल अलग हो गए थे। तब से वह पार्टी क ार्यालय नहीं आ रहे थे। वर्ष 2022 के चुनाव के दौरान वह बैठक में हिस्सा लेने आए तो पार्टी कार्यालय के बजाय ट्रस्ट में ही रहें।
अखिलेश के सदन में रहने पर संशय
सपा के राष्टीय अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव अभी बाहर हैं। रविवार शाम तक वह नहीं लौटे हैं। ऐसे में सोमवार को उनके सदन में उपस्थित रहने पर संशय है। मुख्य सचेतक डा. मनोज पांडेय ने बताया कि नेता प्रतिपक्ष के बगल वाली सीट शिवपाल सिंह यादव को एलाट करने के विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा गया है।