जीएसटी कलेक्शन ग्रोथ में छोटे और पिछड़े जिलों ने बड़े और औद्योगिक जिलों को पीछे छोड़ दिया है। राज्य कर विभाग की जीएसटी रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2024-25 में प्रदेश की औसत जीएसटी ग्रोथ 7.83% रही, लेकिन कई छोटे जिलों ने इससे पांच गुना तक बेहतर प्रदर्शन किया है।
40.30% की ग्रोथ के साथ श्रावस्ती सबसे ऊपर रहा। गाजीपुर, सोनभद्र, अमेठी, भदोही में भी जीएसटी संग्रह की वृद्धि अच्छी रही। इनमें से कई जिले ऐसे हैं जहां औद्योगिक इकाइयां सीमित हैं, लेकिन पिछले दो वर्षों में छोटे कारोबारियों के जुड़ाव, ईवे बिल चेकिंग और सचल दलों की कार्रवाई से टैक्स अनुपालन में तेजी आई है।
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सबसे ज्यादा जीएसटी ग्रोथ रेट वाले टॉप-5 जिले
| जिला |
वर्ष 2023-24 |
वर्ष 2024-25 |
वृद्धि प्रतिशत |
| श्रावस्ती |
8.91 |
12.50 |
40.30% |
| गाजीपुर |
159.01 |
202.83 |
27.56% |
| सोनभद्र |
930.99 |
1087.52 |
16.81% |
| अमेठी |
300.70 |
370.02 |
23.05% |
| भदोही |
118.01 |
139.58 |
18.28 (वर्ष के आंकड़े करोड़ रुपये में) |
बड़े जिलों का प्रदर्शन सात से कम
बड़े औद्योगिक जिलों की वृद्धि दर सीमित रही है। प्रदेश के सबसे बड़े जीएसटी संग्रह वाले जिले गौतमबुद्धनगर की वृद्धि 26.16% रही, लेकिन लखनऊ, कानपुर नगर, आगरा, मेरठ और प्रयागराज जैसे बड़े और व्यावसायिक जिलों की वृद्धि 0.80% से 6% के बीच सिमट गई। विशेष रूप से कानपुर नगर (4.11%), मेरठ (1.71%), प्रयागराज (1.17%) जैसे व्यापारिक जिलों में राज्य औसत से भी कम वृद्धि दर्ज की गई है।
ऋणात्मक वृद्धि वाले जिले
- जलौन, चंदौली, बहराइच, रामपुर, संतकबीर नगर, शामली, प्रतापगढ़ और हापुड़ ऋणात्मक वृद्धि वाले जिले रहे।
- इनमें हापुड़ का प्रदर्शन इस वर्ष सबसे कमजोर रहा, जहां कलेक्शन 289.08 करोड़ से घटकर 161.76 करोड़ पर आ गया।
- विभाग इन जिलों में फील्ड कार्रवाई, अनुपालन और रजिस्ट्रेशन की गहन समीक्षा करने की तैयारी में हैं।