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UP News : चेकिंग की सूचना व्हाट्सएप ग्रुप में अपडेट कर रोडवेज को चपत लगा रहे कर्मी

Thu, 11 Aug 2022 12:32 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

रोडवेज के चालक व परिचालक बिना टिकट यात्रियों को सफर करवाते हैं और बस किराए का पैसा अपनी जेब में रखते हैं। इसे रोकने के लिए प्रवर्तन दस्ते चेकिंग करते हैं लेकिन चालकों-परिचालकों ने व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे हैं।
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यूपी रोडवेज की बसें - फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) को उसके कर्मचारी ही चपत लगा रहे हैं। रूट पर चेकिंग दल की जानकारी मिलते ही इसकी सूचना व्हाट्सएप ग्रुप पर देकर अन्य चालकों व परिचालकों को सतर्क कर रहे हैं। इससे बेटिकट यात्रियों को सफर करवाने वाले किराए का पैसा रजांच में बच रहे हैं। ऐसे ही दो व्हाट्सएप ग्रुप झांसी और कानपुर रीजन में पकड़े गए हैं। पर खास बात यह है कि ग्रुप चलाने वालों की जगह कार्रवाई करने वाले अधिकारी पर ही गाज गिरा दी गई है।

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गौरतलब है कि रोडवेज बसों में चेकिंग के लिए प्रवर्तन दस्ते तैनात किए गए हैं। इसके तहत यातायात अधीक्षक व यातायात सहायक बेटिकट यात्री ढोने वाले चालकों व परिचालकों पर कार्रवाई करते हैं। मगर चालकों व परिचालकों ने इनकी काट निकाल ली है। उन्होंने ‘लल्लन टॉप’ और ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ जैसे व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे थे। इस पर प्रवर्तन दस्तों से जुड़ी जानकारी अपडेट करते थे। 

यातायात अधीक्षक केके आर्य ने झांसी रीजन में तैनाती के दौरान कोंच-झांसी रूट पर बस (यूपी 93 एटी 4944) के संविदा परिचालक को चेकिंग के दौरान पकड़ा। जब उसका मोबाइल चेक किया गया तो उसमें लल्लन टॉप नाम का व्हाट्सएप ग्रुप मिला। इस पर प्रवर्तन वाहनों, अधिकारियों आदि की वर्तमान लोकेशन तक साझा की जा रही थी। मोबाइल जब्त कर लिया गया। इस खेल को उजागर करने वाले केके आर्य का ट्रांसफर झांसी से कानपुर रीजन कर दिया गया।
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उन्होंने कानपुर रीजन में चेकिंग के दौरान ऐसा ही एक व्हाट्सएप ग्रुप ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ कानपुर-फतेहपुर रूट पर चल रही बस (यूपी 71 टी 7486) के परिचालक के मोबाइल में पाया। अब केके आर्य का ट्रांसफर प्रयागराज के लिए कर दिया। इससे परेशान यातायात अधीक्षक केके आर्य ने परिवहन निगम की अपर प्रबंध निदेशक अन्नपूर्णा गर्ग से गुहार लगाई है। बताया जा रहा है कि इस पर जल्द निर्णय लिया जा सकता है। 

उधर परिवहन निगम के प्रधान प्रबंधक कार्मिक अतुल जैन खुद केके आर्य के कार्यों की प्रशंसा करते हैं। उनका कहना है कि कानपुर से प्रयागराज के लिए उनका स्थानांतरण नहीं किया गया है बल्कि कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। इससे वहां चेकिंग दस्ते मजबूत होंगे।

रोडवेज को ऐसे लग रही चपत
रोडवेज के चालक व परिचालक बिना टिकट यात्रियों को सफर करवाते हैं और बस किराए का पैसा अपनी जेब में रखते हैं। इसे रोकने के लिए प्रवर्तन दस्ते चेकिंग करते हैं लेकिन चालकों-परिचालकों ने व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे हैं। इस पर जांच व अधिकारी के बाबत जानकारी अपडेट करते हैं, जिससे कर्मचारी सतर्क हो जाते हैं। क्योंकि ऐसा नहीं होने पर वे चेकिंग में पकड़े जाएंगे और उनसे जुर्माना वसूला जाएगा।

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