प्रदेश में 470 नई सड़कें बनाने के लिए 629 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। ये सड़कें गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ेंगी। निर्माण के पांच साल बाद तक रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी। इसके लिए एस्टीमेट में मरम्मत लागत भी शामिल की गई है।
राज्य सरकार ने ग्रामीण सड़कों को खास तरजीह देने का फैसला किया है। इसलिए नाबार्ड से वित्तीय मदद लेते हुए रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट फंड (आरआईडीएफ) योजना के तहत कुल 768 किमी लंबे नए मार्ग बनाने के लिए प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। इतना ही नहीं काम प्रारंभ करने के लिए 424 करोड़ रुपये का बजट जारी भी कर दिया है।
इनमें से 65 सड़कें जौनपुर और 64 सड़कें बहराइच में बनाई जाएंगी। गोंडा में 43, प्रतापगढ़ में 25, सोनभद्र में 26, लखीमपुर खीरी में 13, सीतापुर में 20, गोरखपुर में 27, महराजगंज में 40, कुशीनगर में 10, आजमगढ़ में 23 और अंबेडकरनगर में 13 नए संपर्क मार्ग बनाए जाएंगे। शेष सड़कें अन्य जिलों में हैं। सभी 470 सड़कों के निर्माण की लागत 576.24 करोड़ रुपये और पांच साल तक रखरखाव की लागत 52.97 करोड़ रुपये स्वीकृत हुई है।