सूत्रों के मुताबिक गिरोह के कहने पर आलोक और अमित ने अपने-अपने नाम से वाराणसी में भी फर्म खोली थी। आलोक ने मां शारदा मेडिकल के नाम से फर्म बनाई थी। वाराणसी की फर्म में आरोपियों ने दो-तीन माह ही कोडीनयुक्त फेन्सेडिल कफ सिरप का व्यापार किया था। आरोपी सारा लेनदेन नकद में करते थे। वाराणसी में दोनों को करीब आठ लाख रुपये का मुनाफा हुआ था। अमित इन रुपयों को अपनी पत्नी के खाते में जमा कर देता था।
बाहुबली से नहीं हो सकी पूछताछ
मामले में पूर्वांचल के एक बाहुबली का नाम सामने आ रहा है। एक विधायक भी अमित के करीबी बताए जा रहे हैं। खास बात यह है कि एसटीएफ अभी तक बाहुबली से पूछताछ नहीं कर सकी है। माना जा रहा है कि आलोक के पकड़े जाने के बाद कई बड़े लोगों के नाम सामने आएंगे। कुछ सफेदपोश भी एसटीएफ की रडार पर हैं। एसटीएफ आलोक की संपत्ति के बारे में भी पता लगा रही है। आलोक भी बाहुबली का करीबी है।