वक्फ बोर्ड (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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प्रदेश की वक्फ संपत्तियों (अवकाफ) की जानकारी लेने के लिए मुतवल्लियों को अब जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों और वक्फ बोर्ड कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्हें वक्फ का नाम, उसका नंबर, हैसियत, क्षेत्रफल आदि की जानकारी घर बैठे मिल जाएगी। उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों की पंजीकरण की रफ्तार बढ़ाने के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड ने अपनी वेबसाइट पर अवकाफ की जानकारी अपलोड की है। वहीं, शिया वक्फ बोर्ड मुतवल्लियों को ई-मेल के जरिये जानकारी उपलब्ध करा रहा है।
उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में प्रदेश भर से करीब 1 लाख 26 हजार और उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड में करीब 7 हजार 785 वक्फ संपत्तियां पंजीकृत हैं। वक्फ संशोधन कानून 2025 लोकसभा से पारित होने के बाद केंद्र सरकार ने उम्मीद पोर्टल पर 5 दिसंबर तक सभी वक्फ संपत्तियों के रिकार्ड फीड करना अनिवार्य किया है। पोर्टल की खामियों और वर्षों पुराने दस्तावेजों की जानकारी न मिल पाने की वजह से पंजीकरण की रफ्तार नहीं बढ़ पा रही है। ऐसे में दोनों बोर्ड के सामने 1,33785 वक्फ संपत्तियों के रिकार्ड को अपलोड कराने की है।
सुन्नी वक्फ बोर्ड में अभी तक मात्र 3 हजार 500 और शिया वक्फ बोर्ड में मात्र 800 संपत्तियों का पंजीकरण किया जा सका है। सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफर फारूकी ने बताया कि पंजीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए बोर्ड की वेबसाइट-upsunniwaqfboard.org पर जिलावार अवकाफ की सूची अपलोड कर दी है। मुतवल्लियों को मौके पर ही वक्फ का नाम, नंबर, वक्फ की हैसियत, उसका एरिया आदि की जानकारी मिल जाएगी।
उन्होंने बताया कि वेबसाइट पर 1986 से लेकर 1989 तक जारी हुए गजट नोटिफिकेशन भी अपलोड किये गए हैं। इसके अलावा ई-मेल आईडी helpupscwbumeed@gmail.com पर अन्य जानकारी मांगी जा सकती है। शिया वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी जीशान रिजवी ने बताया कि मुतवल्लियों की मदद के लिये बोर्ड ने ई-मेल आईडी upshiacwbhelp@gmail.com जारी किया है। मुतवल्ली अपने आधार कार्ड की कॉपी लगाकर फीडिंग के लिए वक्फनामा, तौलियत का आदेश, मुकदमा, धारा-37 संबंधी सूचना मांग सकते हैं।