योगी ने संसद की कार्यवाही का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के नियमों में समय-समय पर संशोधन हुआ है। विधानसभा में इन व्यवस्थाओं का अनुसरण किया जाना चाहिए। यूपी विधानसभा की तुलना लोकसभा से की जाए तो प्रदेश का महत्व बढ़ेगा।
प्रयास हो कि प्रश्नों का सही उत्तर आए : रामगोविंद
नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि सदन परंपराओं से चलते हैं। हम चाहते हैं कि सदन सुचारु रूप से चले। यदि मंत्री प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर देते हैं अनुपूरक सवाल अपने आप कम हो जाते हैं। कोशिश होनी चाहिए कि सरकार की ओर से प्रश्नों का सही उत्तर आए। अफसरों को निर्देशित किया जाए कि वे प्रश्नों का समुचित उत्तर प्रस्तुत करें।
भाषा मर्यादित रहे, शिष्टाचार बना रहे : लालजी
बसपा के नेता लालजी वर्मा ने कहा कि विपक्ष की भावनाओं की कद्र होनी चाहिए। हम एक-दूसरे के दुश्मन नहीं है। सदन में सभी की भाषा मर्यादित होनी चाहिए, शिष्टाचार बना रहना चाहिए। बैठक में कांग्रेस से मसूद अख्तर, अपना दल (एस) के नेता नील रतन पटेल, सुभासपा के नेता ओम प्रकाश राजभर ने भी विचार रखे। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सभी से सहयोग की अपील की।
जनता चाहती है कार्यवाही में न हो व्यवधान : दीक्षित
बैठक के बाद विधानसभा अध्यक्ष ह्रदय नारायण दीक्षित ने मीडियाकर्मियों से कहा कि सदन की कार्यवाही सुचारु, गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए। जन समस्याओं पर सभी दलों को औचित्यपूर्ण चर्चा करनी चाहिए। प्रतिपक्ष और सत्ता पक्ष ने आश्वासन दिया है कि कार्यवाही ठीक प्रकार और शालीनता से चलाने में सहयोग देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग घरों में बैठकर सदन की कार्यवाही देखते हैं। जनता कार्यवाही में व्यवधान नहीं चाहती है। उन्होंने बैठक में सभी दलीय नेताओं से अनुरोध किया कि वे सदन में अपना पक्ष शालीनता एवं संसदीय मर्यादाओं में रखे।