विधान परिषद की स्थानीय प्राधिकार क्षेत्र की 36 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा ने प्रचंड जीत हासिल कर उच्च सदन में पहली बार पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया। मंगलवार को आए नतीजों में भाजपा 36 में से 33 सीटों पर विजयी रही। इनमें 27 सीटों के लिए वोटिंग हुई। इनमें से 24 भाजपा जीती। उसके नौ उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। वहीं, तीन सीटों पर निर्दलीयों ने जीत हासिल की। सपा का सूपड़ा साफ हो गया। 100 सदस्यों वाली परिषद में 66 भाजपा के हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी महत 17 सीटों पर सिमट कर रह गई।
विधानसभा के बाद विधान परिषद में भी भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद अब योगी सरकार को दोनों सदनों में विधेयक और प्रस्ताव दोनों पारित कराने में आसानी होगी। हालांकि इसे योगी सरकार का कुशल राजनीतिक प्रबंधन ही कहा जाएगा कि अल्पमत में होने के बाद भी पहले कार्यकाल में एक भी ऐसा प्रस्ताव या विधेयक नहीं हुआ जो अल्पमत के कारण पास न हुआ हो।
योगीराज के 5 साल में सात सदस्य से 66 तक पहुंचे
वर्ष 2017 में जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी थी, उस समय परिषद में उसके महत सात सदस्य थे। वहीं, सपा, बसपा, कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के 93 सदस्य थे। स्थिति ऐसी थी कि उस दौरान मुख्यमंत्री, तत्कालीन दोनों उप मुख्यमंत्री और तीन मंत्री किसी भी सदन के सदस्य नहीं थे। छह माह में उन्हें किसी एक सदन का सदस्य बनाने के लिए भाजपा को सपा और बसपा के छह सदस्यों का परिषद से इस्तीफा कराकर पार्टी में शामिल कराना पड़ा। योगी सरकार के पहले कार्यकाल में भाजपा परिषद में अल्पमत में रही। परिषद में बहुमत हासिल करने के लिए भाजपा ने साल भर पहले तैयारी शुरू कर दी थी। सपा के सात सदस्यों को तोड़कर पार्टी में शामिल कराया गया था। प्रत्याशी चयन में भी पार्टी ने काडर को मौका देकर एक-एक सीट पर मजबूत चुनाव प्रबंधन किया। नतीजन मंगलवार को आए परिणाम के बाद परिषद में भाजपा की सदस्य संख्या 33 से बढ़कर 66 हो गई है।
अब उच्च सदन की स्थिति
भाजपा 66, सपा 17, बसपा चार, कांग्रेस एक, अपना दल एक, निषाद पार्टी एक, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक एक, शिक्षक दल दो, निर्दल समूह एक, निर्दलीय 3। तीन पद रिक्त हैं।
इन तीन सीटों पर भाजपा की हार
- वाराणसी में निर्दल प्रत्याशी बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा सिंह ने भाजपा प्रत्याशी डॉ. सुदामा सिंह पटेल को एकतरफा मुकाबले में हरा दिया है।
- आजमगढ़-मऊ सीट पर भाजपा के बागी यशवंत सिंह के बेटे विक्रांत सिंह उर्फ रिशू ने भाजपा उम्मीदवार अरुण यादव और प्रतापगढ़ सीट पर जनसत्ता दल लोकतांत्रिक प्रत्याशी अक्षय प्रताप सिंह ने भाजपा उम्मीदवार हरि प्रताप सिंह को भारी मतों से हराया।
मुकाबला भी करती नहीं दिखी सपा
सपा किसी भी सीट पर मुकाबले में ही नहीं दिखी। अधिकतर सीटों पर सपा एक चौथाई वोट भी हासिल नहीं कर सकी। लखनऊ-उन्नाव स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर भाजपा के रामचंद्र प्रधान ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले सुनील साजन को बड़े अंतर से हराया। बस्ती में अखिलेश के एक अन्य करीबी संतोष यादव उर्फ सनी को भी करारी हार का सामना करना पड़ा है।