सपा सूत्र बताते हैं कि रुचि वीरा का मानना है कि स्थानीय संगठन उन्हें अपेक्षित महत्व नहीं दे रहा है। इसके पीछे कमाल अख्तर का ही हाथ है। बताते हैं कि इन हालात के बीच सपा नेतृत्व ने कमाल अख्तर से मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी वापस लेने का फैसला किया। इस बारे में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बताया कि सपा विधायक दल के मुख्य सचेतक के पद पर कौन रहेगा, यह फैसला पार्टी नेतृत्व को करना होता है। इस संबंध में हमे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का पत्र प्राप्त हुआ, जिसके आधार पर मंगलवार को पद रिक्त घोषित कर दिया गया।
विधायक कमाल अख्तर ने बताया कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आदेश दिया, मुझे अब विधानसभा में मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं करना है। मुझे अब चुनाव में भी जाना है। इस जिम्मेदारी को त्यागकर उनके आदेश का पालन किया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से भी मंगलवार को इस संबंध में मिलकर आग्रह कर लिया है। कमाल अख्तर ने कहा कि रही बात सांसद रुचि वीरा से विवाद की, तो मेरा उनसे कोई विवाद नहीं है। वह अपने कार्यक्रमों में हमारा फोटो नहीं लगाती, तो हम भी उनका फोटो नहीं लगाते हैं। इसी तरह से वे भी हमें अपने कार्यक्रम में नहीं बुलातीं, तो हम भी नहीं बुलाते हैं। लखनऊ में एक सांगठनिक बैठक के दौरान उनके साथ कहासुनी जरूर हुई थी, लेकिन उसे मुख्य सचेतक के पद छोड़ने से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।