राज्य सरकार के एक कद्दावार मंत्री ने आवासीय नक्शे के लिए एलडीए में आवेदन किया। नक्शा पास नहीं हुआ और सलेहनगर तिराहे के भूखंड पर कॉम्प्लेक्स निर्माण भी शुरू करा दिया।
इधर धड़ल्ले से निर्माण जारी है। इसके बावजूद एलडीए नक्शे को खारिज करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। इससे उलट अब इसे सही साबित करने को कोशिश हो रही है।
रूचिखंड-1, शारदानगर योजना में खसरा संख्या 174 की जगह पर कैबिनेट मंत्री ने आवास और बेसमेंट में एक गोदाम निर्माण के नक्शे के लिए आवेदन किया है।
इस निर्माण को सलेहनगर तिराहे की जमीन पर दिखाया गया। इसके उलट जब रेवेन्यू रिकॉर्ड केनक्शे में खसरा संख्या 174 की जगह पता की गई तो यह भूखंड रूचिखंड में अंदर की जगह पर मिला।
ऐसे में पास होने के लिए आया नक्शा ही गलत पाया गया। इसके बाद भी नक्शा पास करने के लिए मानचित्र सेल ने एनओसी देने के लिए अर्जन विभाग और नियोजन विभाग में भेज दिया।
मार्च 2015 में आवेदन किया गया और अब तक इसे खारिज करने के बजाय फाइल नियोजन विभाग, अर्जन और मानचित्र सेल के बीच घूम रही है। सियासी रसूख के दबाव में अफसर न तो इसे खारिज कर पा रहे और पास करने में भी हिचक रहे हैं।
एलडीए अधिकारी नक्शा पास को लेकर माथापच्ची कर रहे हैं जबकि वहीं मौके पर तीन मंजिला निर्माण कर लिया गया। इसमें एक बेसमेंट भी बनाया गया है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि एक कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया जा रहा है।
तीन मंजिला तक खड़ा कर दिया कॉम्प्लेक्स
अवैध निर्माण
- फोटो : amar ujala
कॉमर्शियल की जगह आवासीय का नक्शा इसलिए जमा किया गया है कि क्योंकि भू-उपयोग निर्धारित होने से वहां मकान का नक्शा पास करने में दिक्कत नहीं आएगी। निर्माण होने के बाद इसे नियमित कराना आसान होगा।
नक्शा पास करने के लिए फाइल मानचित्र सेल को नियोजन विभाग ने लौटा दी है। नियोजन विभाग का कहना है कि रेवेन्यू रिकॉर्ड और आवेदक की तरफ से दिए गए नक्शे की जगह का मिलान नहीं हो रहा है।
ऐसे में मौके पर सत्यापन कराने के बाद ही नक्शा पास करने की कार्रवाई की जाए। हालांकि, पिछले एक साल से दोनों विभागों के बीच यह फाइल करीब एक दर्जन बार घूम चुकी है।
‘नक्शा पास करने केलिए नियोजन और अर्जन दोनों से एनओसी जरूरी है। इस खसरा संख्या को अर्जन विभाग ने अपनी शारदानगर योजना केलिए अधिग्रहित नहीं किया है। ऐसे में उनकी कोई आपत्ति नहीं है। नियोजन विभाग से फाइल वापस आने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। अभी तक इस निर्माण के लिए नक्शा पास नहीं किया गया है। सभी नियमों के पूरा होने पर ही नक्शा पास होगा।’- राहुल श्रीवास्तव, प्रभारी अधिकारी मानचित्र सेल, एलडीए