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Dinesh Khatik : दलितों के अपमान और सरकार में भ्रष्टाचार के साथ स्वतंत्र देव से नाराज हैं दिनेश खटीक

Thu, 21 Jul 2022 02:07 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि विपक्ष के पास प्रदेश सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं होने के कारण वह तिल का ताड़ बना रहा है। उनका दावा है कि राज्यमंत्री दिनेश खटीक से उनकी रोज बात होती है वह नाराज नहीं है।
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राज्यमंत्री दिनेश खटीक। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने प्रदेश सरकार के अधिकारियों पर दलितों के अपमान और विभाग में हुए तबादलों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को इस्तीफा भेजा है। दिनेश खटीक के इस्तीफे से बुधवार को भी लखनऊ से दिल्ली तक सत्ता के गलियारों में हलचल मची रही। प्रदेश सरकार और संगठन के प्रमुख लोग डैमेज कंट्रोल में जुटे रहे।

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दिनेश खटीक ने गृहमंत्री शाह को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार के अधिकारी  दलितों का अपमान कर रहे है। उनका कहना है कि वह खुद दलित समाज से हैं, ऐसे में समाज के लोग उनसे समस्याओं के समाधान और न्याय की अपेक्षा रखते हैं। उनका कहना है कि लेकिन जब अधिकारियों से  दलितों पर हो रहे अत्याचार पर बात करते हैं तो अधिकारी उस पर कार्रवाई नहीं करते हैं। इससे वह ही नहीं बल्कि पूरा दलित समाज अपमानित हो रहा है।

उनका कहना है कि विभाग में अधिकारियों की ओर से तवज्जो नहीं मिलने, दलितों को उचित मान सम्मान नहीं मिलने, नमामि गंगे परियोजना में नियमों की अनदेखी और तबादलों में भ्रष्टाचार एवं वसूली, दलित विभाग में दलित समाज के राज्यमंत्री का कोई अस्तित्व नहीं होने से उनका राज्यमंत्री के रूप में काम करना दलित समाज के लिए बेकार है। इन्हीं बातों से आहत होकर इस्तीफा दे रहे हैं।
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केवल गाड़ी उपलब्ध कराना ही राज्यमंत्री नहीं
दिनेश खटीक का आरोप है कि दलित समाज का राज्यमंत्री होने के कारण जलशक्ति विभाग में उनके आदेश पर कार्रवाई नहीं की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया है कि किसी बैठक की सूचना भी नहीं दी जाती है। विभाग की योजनाएं है और उनकी प्रगति की सूचना भी नहीं दी जाती है। उनका कहना है कि अधिकारी मानते हैं कि केवल गाड़ी उपलब्ध कराना ही राज्यमंत्री का अधिकार है।

तबादला सत्र में हुआ भ्रष्टाचार
दिनेश खटीक ने जलशक्ति विभाग में तबादला सत्र-2022 में बड़ा भ्रष्टाचार और वसूली का आरोप लगाया है। उन्होंने तबादले को लेकर अधिकारियों से सूचना मांगी, लेकिन उपलब्ध नहीं कराई गई। उनका कहना है कि विभागाध्यक्ष ने बात सुने बिना ही फोन काट कर जनप्रतिनिधि और राज्यमंत्री का अपमान किया है।

दलित होने के कारण भेदभाव
दिनेश खटीक का आरोप है कि दलित होने के कारण विभाग में उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। करीब साढ़े तीन महीने बाद भी उन्हें कोई कार्य नहीं दिया है।

नमामि गंगे में भ्रष्टाचार
दिनेश खटीक का आरोप है कि प्रदेश में नमामि गंगे में बड़ा भ्रष्टाचार फैला हुआ है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि ग्राउंड में जाने पर पता चलता है कि परियोजना में भ्रष्टाचार है। इस संबंध में आरोपी अधिकारी के खिलाफ शिकायत करने पर उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। उन्होंने किसी एजेंसी से इसकी जांच कराने की मांग की है।

सरकार और संगठन डैमेज कंट्रोल में जुटे
दिनेश खटीक की ओर से दलितों के अपमान और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इस्तीफा भेजने से बुधवार को लखनऊ सहित पूरे प्रदेश और दिल्ली तक हलचल मची रही। सूत्रों के मुताबिक पार्टी के नेताओं ने दिनेख खटीक से बात की। वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय से भी खटीक से फोन पर बात कर उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बातचीत के लिए लखनऊ बुलाया गया।

योगी से नहीं, स्वतंत्र देव से नाराज हैं दिनेश खटीक
जलशक्ति राज्यमंत्री ने अपने इस्तीफे में मुख्यमंत्री योगी से नाराजगी नहीं जताई है। बल्कि जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और विभागीय अधिकारियों से नाराजगी जताई है। खटीक ने इस्तीफे में योगी को ईमानदार और स्वच्छ छवि का बताते हुए लिखा है पूरा दलित समाज भाजपा सरकार के प्रति उत्साहित और समर्पित है।

विपक्ष के पास मुद्दा नहीं, तिल का ताड़ बना रहा : स्वतंत्र देव
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि विपक्ष के पास प्रदेश सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं होने के कारण वह तिल का ताड़ बना रहा है। उनका दावा है कि राज्यमंत्री दिनेश खटीक से उनकी रोज बात होती है वह नाराज नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की उपलब्धियों से हताश होकर सपा मुखिया मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं। दिनेश खटीक के इस्तीफे के बाद स्वतंत्र देव सिंह ने बयान जारी कर कहा कि अगर कोई बात होगी तो उसे बैठकर सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी और सरकार की ओर से सभी वर्र्गों को सम्मान दिया जाता है और आगे भी दिया जाता रहेगा।

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