प्रदेश के विधि एवं न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक ने सोमवार को दिवंगत हिंदू नेता कमलेश तिवारी के आवास पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को हर तरह की मदद का भरोसा दिलाते हुए उनका दर्द साझा किया।
उन्होंने कहा कि इस मामले को वह फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाएंगे। उन्होंने परिवार से हत्यारों को सजा-ए-मौत दिलाने का वादा किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद नजर आई। चौराहे पर बैरीकेडिंग कर वाहनों को आवास की तरफ जाने से रोक दिया गया था।
विधानसभा उप चुनाव की व्यस्तता के बाद भी सोमवार दोपहर करीब 12 बजे विधि एवं न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक दिवंगत हिंदू नेता कमलेश तिवारी के रामजानकी मंदिर स्थित आवास पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए सरकार की ओर से हर तरह की मदद का आश्वासन दिया। करीब आधे घंटे तक उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ रहकर उनका दर्द साझा किया।
इस दौरान कमलेश की मां काफी भावुक हो गईं। परिवार से मुलाकात करने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए कानून मंत्री ने विरोधी दलों को इस संवेदनशील मामले में राजनीति न करने की सलाह दी। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
कानून मंत्री ने बताया कि हत्यारों की इनोवा गाड़ी ट्रैस कर ली गई है। अभी जांच चल रही है, इसलिए मामले में कुछ अधिक नहीं कहेंगे। कानून मंत्री ने पीड़ित परिवार और पूरे प्रदेश को भरोसा दिलाते हुए कहा कि पुलिस हत्यारों के काफी करीब पहुंच चुकी है। हत्यारे शीघ्र ही कानून की पकड़ में होंगे।
सरकार हत्यारों को ऐसी सजा दिलाएगी जो मिसाल बन जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले को वह फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाएंगे जिसकी रोज सुनवाई होगी। कहा कि वह कोर्ट से अपील करेंगे कि छह महीने के भीतर हत्यारों को सजा-ए-मौत मिले।
उन्होंने कहा कि कमलेश की हत्या मामले में सरकार काफी गंभीर है। परिवार को उनकी मांग के मुताबिक सब कुछ उपलब्ध कराया जाएगा। पीड़ित परिवार के संतुष्ट न होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कमलेश के बेटों व उनकी पत्नी की परवरिश की जिम्मेदारी हमारी है।
सरकार कमलेश तिवारी के परिवार को अपना परिवार मानकर उन्हें हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने के लिए संकल्पबद्ध है। इस दौरान सेवता विधायक ज्ञान तिवारी, जिलाध्यक्ष अजय गुप्त, आशा मौर्य, अम्बरीश गुप्त, मोहन प्रसाद, चंद्रभूषण शुक्ल व राम प्रवेश प्रजापति आदि मौजूद रहे।
इससे पहले विधि एवं न्याय मंत्री के आने की सूचना पर प्रशासन सुबह से ही चौकन्ना नजर आया। कमलेश तिवारी के आवास की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। चौराहे से वाहनों को आवास की तरफ आने से रोक दिया गया। मंत्री बृजेश पाठक के आने के दो घंटे पहले डीएम अखिलेश तिवारी व एसपी एलआर कुमार ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं को परखा।