पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर हुई है। अपराधियों में कानून का भय कायम हुआ है। वे अपनी जमानत तुड़वा कर जेल जा रहे हैं। अब तक मुठभेड़ में 100 अपराधी मारे गए, 1631 घायल और 10 हजार से अधिक गिरफ्तार किए गए हैं। सरकार पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए काम कर रही है। योगी सोमवार को पुलिस स्मृति दिवस पर लखनऊ पुलिस लाइन में शोक परेड की सलामी लेने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जबसे उनकी सरकार आई है, कानून-व्यवस्था को सुधारने के साथ-साथ पुलिस बल को मजबूत करने के लिए अनेक काम किए गए हैं। पुलिस की कार्रवाई में जहां बड़ी संख्या में अपराधी मारे गए और घायल हुए, वहीं पांच जवान शहीद और 752 पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं।
गैंगस्टर एक्ट में 23 हजार से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 200 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है। इस दौरान 16 हजार से अधिक अपराधी अपनी जमानत तुड़वा कर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि बीते एक साल में प्रदेश के पांच जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। इन जवानों ने प्रदेश में शासन और पुलिस विभाग का गौरव बढ़ाया है। योगी ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारीजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी। अच्छा काम करने वालों को सम्मानित किया जा रहा है।
गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 100 पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिह्न और 400 को सराहनीय सेवा सम्मान चिह्न से सम्मानित किया गया है। 1048 राजपत्रित व अराजपत्रित पुलिस कर्मियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक के प्रशंसा चिह्न, 8 अधिकारियों और कर्मचारियों को विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक दिया गया।
129 अराजपत्रित अधिकारियों व कर्मचारियों को सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक और 5 राजपत्रित व अराजपत्रित अधिकारियों व कर्मचारियों को मुख्यमंत्री के उत्कृष्ट पुलिस सेवा पदक से सम्मानित किया गया है।
शहीदों के आश्रितों को दिए 37.54 करोड़
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ड्यूटी के दौरान शहीद व मृत पुलिस कर्मियों एवं उत्तर प्रदेश के मूल निवासी केंद्रीय अर्द्धसैन्य बलों, अन्य प्रदेशों के अर्द्धसैन्य बलों या भारतीय सेना में कार्यरत रहते हुए वीर गति प्राप्त 169 लोगों के आश्रितों को 37 करोड़ 54 लाख रुपये की सहायता दी गई है। इसके अलावा जिला स्तर पर पुलिस कर्मियों को अनेक योजनाओं के तहत अनुदान और सहायता दी गई है।
लगभग 80 हजार कर्मियों को किया सेवायोजित
योगी ने कहा कि सरकार ने पुलिस का मनोबल, कार्यकुशलता और व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। बीते एक वर्ष में 28 हजार 453 पुलिस कर्मियों को पदोन्नति दी गई। उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस और उसके समकक्ष 2486 पदों के साथ-साथ 74 हजार 882 सिपाही, 206 लिपिक संवर्ग तथा 666 कंप्यूटर ऑपरेटर के पदों पर सीधी भर्ती की गई है।
1732 मृतक आश्रितों को सेवायोजित किया गया है। 39 नए थाने और 15 नई चौकियां बनाई गईं। सभी प्रमुख त्योहारों, कुंभ जैसे बड़े आयोजन और भारतीय प्रवासी दिवस के सफल आयोजन में पुलिस की भूमिका सराहनीय रही।
मुख्यमंत्री ने एसटीएफ और एटीएस के अच्छे कामों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के अब तक के कार्यकाल में एक भी आतंकी घटना नहीं हुई है। इससे पहले मुख्यमंत्री को शोक पुस्तिका भेंट की गई। मुख्यमंत्री ने पुलिस स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया। डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने देश भर में शहीद हुए सुरक्षा बलों के जवानों के बारे में जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिवारीजनों से की भेंट
मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिवारीजनों से मुलाकात की। इनमें बुलंदशहर में शहीद हुए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह, गाजीपुर में शहीद सिपाही सुरेश प्रताप सिंह, अमरोहा में शहीद सिपाही हर्ष चौधरी, संभल में कैदियों द्वारा पुलिस पर किए गए हमले में शहीद हरेंद्र सिंह और बृजपाल सिंह के परिवारीजन शामिल थे। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा सहित कई मंत्री, मुख्य सचिव आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह व सूचना अवनीश अवस्थी मौजूद रहे।