असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे मजदूरों के लिए श्रम विभाग ने मजदूरी तय कर दी है। इसकी शुरुआत सात सेक्टरों से की गई है। असंगठित क्षेत्र में 20 लाख से ज्यादा मजदूर होटल-रेस्तरां, बीड़ी, कालीन, कांच व चूड़ी, इंजीनियरिंग, चीनी और आसवानी उद्योग में हैं। इन सेक्टरों में मजदूरी का कोई मानक तय नहीं हैं। इसे देखते हुए श्रम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए न्यूनतम मजदूरी तय की है।
| कुशलता | होटल एवं रेस्तरां (10 से कम कर्मचारी वाले)
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होटल एवं रेस्तरां (10 से अधिक कर्मचारी वाले) | स्टार होटल (50 से 500 तक कर्मचारी वाले) | इंजीनियरिंग उद्योग (500 से ऊपर कर्मचारी वाले) | इंजीनियरिंग उद्योग | चीनी उद्योग | बीड़ी उद्योग | काली उद्योग | कांच एवं चूड़ी उद्योग |
| अकुशल
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10984 | 11641 | 13042 | 12857 | 13478 | 24329 | 8877 | 10267 | 9811 |
| अर्धकुशल
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12108 | 12835 | 15533 | 14118 | 14826 | 24494 | 10146 | 11408 | 11180 |
| कुशल | 13561 | 14374 | 18404 | 15673 | 16174 | 24879 |
12097 |
12321 |
12435 |
श्रम एवं सेवायोजन विभाग के प्रमुख सचिव एमकेएस सुंदरम का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक वर्ग का सशक्तिकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसीलिए असंगठित क्षेत्र के कुशल व अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम दिहाड़ी तय करने का फैसला लिया गया है। इसके तहत प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में न्यूनतम दिहाड़ी तय की गई है। इससे मजदूरों व उनके परिवार का जीवन स्तर बेहतर होगा।