मजदूरी अवधि में किस्तों में वसूला जाएगा
साप्ताहिक अवकाश दिवस पर काम कराने पर ओवरटाइम की दर से भुगतान होगा। साथ ही वैकल्पिक विश्राम दिवस भी देना होगा। वैकल्पिक छुट्टी की व्यवस्था ऐसी नहीं हो सकती जिससे कर्मचारी लगातार दस दिन से अधिक बिना अवकाश काम करता रहे। किसी कर्मचारी की मजदूरी से कुल कटौतियां 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे आगे की मजदूरी अवधि में किस्तों में वसूला जाएगा।
नियोक्ता किसी कर्मचारी पर जुर्माना लगाने से पहले उसे आरोप और उसके आधार की जानकारी लिखित देगा। कर्मचारी को जवाब के लिए सात दिन मिलेंगे। आरोप साबित होने पर ही जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माने, कटौती और वसूली से जुटी रकम का इस्तेमाल संस्थान में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए श्रम विभाग से अनुमोदित कल्याणकारी योजनाओं में किया जाएगा।
नई व्यवस्था में वेतन पर्ची में निर्धारित प्रारूप में कर्मचारी का यूएएन, बैंक खाता, मूल वेतन, महंगाई भत्ता, अन्य भत्ते, उपस्थिति, ओवरटाइम, सकल वेतन, पीएफ-ईएसआई समेत कटौतियां और हाथ में मिलने वाली शुद्ध मजदूरी दर्ज होगी। नई नियमावली में कामगारों को अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और अतिकुशल श्रेणियों में वर्गीकृत करने की व्यवस्था भी विस्तार से की गई है।