प्रदर्शन कर आरक्षण की मांग की।
- फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश में विशेष घटक योजना (एससीपी) के तहत अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए स्थापित चार मेडिकल कॉलेजों में दलित छात्रों को 70 फीसदी आरक्षण देने की मांग जोर पकड़ने लगी है। रविवार को विभिन्न जिलों से आए चिकित्सा छात्रों ने ईको गार्डन में प्रदर्शन भी किया। चेतावनी दी कि वे आमरण अनशन शुरू करेंगे। उच्चतम न्यायालय में याचिका भी दायर कर दी है।
प्रदेश में विशेष घटक योजना (एससीपी) के तहत अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए सहारनपुर, कन्नौज, अंबेडकर नगर और जालौन में मेडिकल कॉलेज स्थापित है। पहले यहां अनुसूचित जाति एवं जनजाति के 70 फीसदी छात्रों को दाखिला मिलता रहा है। इस बीच हाईकोर्ट में दाखिल एक याचिका में आदेश जारी हुआ कि सभी कॉलेजों में समान आरक्षण का प्रावधान किया जाए। ऐसे में नीट काउंसिलिंग शुरू होते ही दलित वर्ग के छात्रों ने चारों मेडिकल कॉलेजों में 70 फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
डॉ आंबेडकर डॉक्टर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में लखनऊ के इको गार्डन में प्रदर्शन किया। इसमें विभिन्न सामजिक संगठन भारतीय विद्यार्थी मोर्चा, लीगल सेल हाईकोर्ट, स्टूडेंट्स फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया, इंडियन मेडिकल प्रोफेशनल्स एसोसिएशन, बिरसा आंबेडकर फुले स्टूडेंट एसोसिएशन, बहुजन आर्म्स स्टूडेंट फेडरेशन पासी सेना सहित तमाम संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।
समाजवादी पार्टी से पूर्व विधायक अंबरीश पुष्कर, एमएलसी राजपाल कश्यप, मनोज पासवान, शिव शंकर सरोज, डॉ. जीतेंद्र कुमार सरोज, डॉ. राना, डॉ. अजीत भाष्कर, डॉ. दुर्गेश आदि ने भी प्रदर्शन का समर्थन किया। सरकार से मांग की कि उच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में प्रभावी अपील एवं पैरवी की जाए। अंतिम न्यायिक निर्णय तक विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों की रक्षा के लिए अंतरिम व्यवस्था की जाए।