महापौर को 25000, अध्यक्षों को 20000, नगर निगम के सभासदों को 2000 और नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों के सभासदों को 1500 रुपये प्रतिमाह मानदेय या भत्ता देने की तैयारी है।
चुनावी साल में प्रदेश सरकार नगर निगमों के मेयर, नगर पालिका व नगर पंचायतों के अध्यक्षों को मानदेय का तोहफा दे सकती है। नगर विकास विभाग द्वारा इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसके मुताबिक महापौर को 25000, अध्यक्षों को 20000, नगर निगम के सभासदों को 2000 और नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों के सभासदों को 1500 रुपये प्रतिमाह मानदेय या भत्ता देने की तैयारी है।
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विभाग के एक उच्च पदस्थ सूत्र के मुताबिक प्रस्ताव पर ऊपर की मंजूरी लेकर जल्द ही कैबिनेट से पारित करने की तैयारी है। दरअसल पिछले दिनों वाराणसी में संपन्न हुए महापौरों के सम्मेलन में यह मांग उठी थी। वहां मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महापौरों के अधिकारों व सुविधाओं पर चर्चा की थी। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री की मंशा के मुताबिक नगर विकास विभाग ने पहली बार निकायों के जनप्रतिनिधियों को मानदेय या भत्ता देने का प्रस्ताव तैयार किया है।
नगर पालिका अधिनियम में निकाय बोर्ड की बैठक के आधार पर कुछ भत्ता दिए जाने की व्यवस्था है। इसके बावजूद अधिकांश निकायों में यह भत्ता नहीं दिया जा रहा है। जबकि कुछ निकायों द्वारा जनप्रतिनिधियों को भत्ता के नाम पर मात्र 300 से 500 रुपये ही दिया जा रहा है। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि विधानसभा चुनाव की अधिसूचना से पहले इस नए प्रस्ताव के मुताबिक मानदेय या भत्ता देने की घोषणा कर दे।