Political Reactions on US Tariffs: बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाना विश्वासघाती और देश को कमजोर करने वाला कदम है। इससे पैदा हुए हालात से निपटने के लिए सभी को पूरी परिपक्वता दिखाते हुए राजनीतिक स्वार्थ और संकीर्णता से ऊपर उठकर काम करना होगा।
मायावती ने बयान जारी कर कहा कि ब्रिक्स देश ब्राजील की तरह ही भारत पर भी कुल मिलाकर 50 प्रतिशत का भारी भरकम टैरिफ (शुल्क) लगाकर अमेरिका ने जो भारत को आघात पहुंचाने का प्रयास किया है, उसे भारत सरकार ने अपने संयमित बयान में "अनुचित, अन्यायपूर्ण व अविवेकी" बताया है, किन्तु देश की जनता डोनाल्ड ट्रम्प का "मित्र" देश भारत के प्रति इसे प्रथमदृष्टया विश्वासघाती एवं देश को कमज़ोर करने वाला कदम ज्यादा मानती है, जिससे निपटने के लिए सभी को पूरी परिपक्वता दिखाते हुये राजनीतिक स्वार्थ, संकीर्णता, मतभेद एवं द्वेष आदि से ऊपर उठकर, दीर्घकालीन रणनीति के तहत, देश में पूरे अमन-चैन और कानून व्यवस्था के अच्छे माहौल के साथ पूरी मुस्तैदी से कार्य करना जरूरी है।
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देश के सामने आई इस बड़ी चुनौती पर गंभीर चिन्तन के लिए संबंधित विषय पर वर्तमान संसद सत्र में चर्चा हो तो यह जन व देशहित में बेहतर होगा किन्तु केन्द्र व राज्य सरकारें अगर आन्तरिक संकीर्ण मुद्दों में ही अधिकतर उलझी रहेंगी तो यह कैसे संभव हो पायेगा?
वैसे इस बारे में यहां उल्लेखनीय है कि बसपा की राजनीति हमेशा से देश के मानवतावादी संविधान की मंशा के मुताबिक "सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय" की रही है, किन्तु यहां देश में केन्द्र व राज्य सरकारों के बीच आपसी अविश्वस के कारण जो राजनीतिक टकराव और खींचतान आदि लगातार बनी हुई है वह अब समाप्त होना चाहिए, यही व्यापक जन व देशहित में है।