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यूपी : सपा से चुनाव लड़ने की तैयारी में बसपा के कई विधायक, बसपा में टूट की भी लग रहीं अटकलें

Tue, 15 Jun 2021 10:11 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

बसपा से निलंबित पांच विधायकों ने मंगलवार को सपा मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की। दावा किया जा रहा है कि बसपा से सपा में जाने वाले विधायकों की संख्या बढ़ सकती है।
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मायावती व अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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नए सियासी समीकरण के तहत बसपा के कई विधायक इस विधानसभा चुनाव में सपा से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। सपा खेमे में इनकी सक्रियता बढ़ गई है। बसपा से निलंबित पांच विधायकों ने मंगलवार को सपा मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की। दावा किया जा रहा है कि बसपा से सपा में जाने वाले विधायकों की संख्या बढ़ सकती है। दावे पार्टी विधायक दल में टूट के भी किए जा रहे हैं।

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बसपा सुप्रीमो मायावती ने पिछले वर्ष राज्यसभा चुनाव केदौरान अपने 7 विधायकों को निलंबित कर दिया था। इनमें कई विधायकों ने तब अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। मंगलवार को विधायक सुषमा पटेल- मुंगरा बादशाहपुर (जौनपुर), असलम राईनी-भिनगा (श्रावस्ती), हाकिम लाल बिंद- हंडिया (प्रयागराज), मुजतबा सिद्दीकी- प्रतापपुर (प्रयागराज), हर गोविंद भार्गव सिंधौली (सीतापुर) ने सपा कार्यालय पहुंचकर अखिलेश से फिर मुलाकात की।

मुलाकात पर विधायकों ने क्या कहा
सुषमा पटेल : विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा
अखिलेश से मिलने के बाद बसपा विधायक सुषमा पटेल ने बताया कि उन लोगों ने सपा प्रमुख से आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा की है।

हाकिम लाल बिंद : अभी तो बसपा में ही
बसपा विधायक हाकिम लाल बिंद ने कहा कि वे लोग निलंबित हैं और फिलहाल बसपा के ही विधायक हैं। अखिलेश से टिकट पर चर्चा नहीं हुई।

असलम राईनी : ...तो बसपा तोड़कर बनाएंगे नया दल
बसपा के निष्कासित व निलंबित विधायक असलम अली राईनी ने कहा कि नया दल बनाने के लिए 12 विधायक चाहिए। 11 विधायक साथ हैं। यदि एक विधायक और साथ आ जाता है तो बसपा से निष्कासित विधानमंडल दल के पूर्व नेता लालजी वर्मा के नेतृत्व में नया दल बनाएंगे।

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बसपा में टूट की लग रहीं अटकलें

बसपा के निलंबित विधायकों के सपा मुखिया अखिलेश यादव से मंगलवार को मुलाकात के बाद बसपा विधायक दल में टूट की अटकलें लग रही हैं। अखिलेश से मिलने के बाद मुंगरा बादशाहपुर (जौनपुर) से विधायक सुषमा पटेल ने ‘अमर उजाला’ को फोन पर बताया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान बसपा प्रमुख ने 7 विधायकों को बिना कारण निलंबित कर दिया था। निलंबन का कोई कारण भी नहीं बताया था। चुनाव को लेकर न ही कोई व्हिप जारी किया गया और न ही क्रॉस वोटिंग की गई। निर्देश दिया गया कि न तो वे लोग पार्टी के झंडे का प्रयोग कर सकते हैं और न ही किसी कार्यक्रम में बुलाए जाएंगे। सुषमा ने कहा कि वे लोग निर्वाचित विधायक हैं और जनता चाहती है कि हम अगला चुनाव लड़ें। ऐसे में हम लोगों ने सपा प्रमुख से मुलाकात की।

बसपा से ही चुनाव लड़ना चाहते : बिंद
बसपा विधायक हाकिम लाल बिंद ने भी अन्य विधायकों के साथ अखिलेश से मुलाकात की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि वे लोग निलंबित हैं और फिलहाल बसपा के ही विधायक हैं। वे चाहते हैं कि  बसपा से ही चुनाव लड़ें। उन्होंनेविधानसभा में बसपा से अलग दल बनाने से जुड़े सवाल पर कहा कि अभी तो इसके लिए पर्याप्त संख्या ही नहीं है। नए दल के लिए 12 सदस्य चाहिए। अभी संख्या 11 ही है। उन्होंने कहा कि सभी विधायक अपना-अपना देख रहे हैं।

एक विधायक और आया तो बसपा तोड़कर बनाएंगे नया दल : राईनी
बसपा विधायक असलम अली राईनी ने सपा मुखिया से मुलाकात के बाद पार्टी में टूट का संकेत किया। उन्होंने कहा कि बसपा से निष्कासित विधानमंडल दल के पूर्व नेता लालजी वर्मा के नेतृत्व में नया दल बना सकते हैं। उन लोगों की मायावती से किसी तरह की नाराजगी नहीं है। लेकिन वे अब उतना ही कर रही हैं जितना सतीश चंद्र मिश्रा कहते हैं। मिश्रा व नए-नए जोनल कोआर्डिनेटरों ने बसपा को खाक में मिलाना तय कर लिया है।

सुषमा का नया दल बनाने से इनकार
सुषमा पटेल ने नए दल के गठन को लेकर किसी तरह की आपस में चर्चा से इनकार किया। उन्होंने कहा कि विधायक असलम राईनी ने इस संबंध में किस आधार पर चर्चा की है, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने बसपा से निष्कासित विधानमंडल दल के पूर्व नेता लालजी वर्मा व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर की अगली रणनीति के बारे में जानकारी से इनकार किया।

अखिलेश से नहीं की मुलाकात, बहनजी के बुलावे का इंतजार : रामअचल
बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर ने सपा मुखिया अखिलेश यादव से अब तक किसी भी तरह की मुलाकात से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि इस दावे में तनिक भी सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि वह बसपा संस्थापक कांशीराम के साथ से पार्टी के साथ रहे हैं। बसपा मुखिया मायावती की हर सरकार में मंत्री रहे और बहनजी के निर्देश पर पूरे देश में पार्टी व मूवमेंट के लिए काम किया। उन्होंने कहा कि वह अब भी बहनजी के बुलावे का इंतजार कर रहे हैं। एक महीने तक इंतजार करेंगे। इसके बाद ही भविष्य के बारे में कोई विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि पूरी उम्मीद है कि सच्चाई जानने पर वह जरूर बुलाएंगी।
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