रहीमाबाद के गोपालपुर गांव में बुधवार को जमीन के लिए दो पक्षों में जमकर लाठी-डंडे और बांके चले। इस खूनी संघर्ष में नौ लोग घायल हो गए। दो गंभीर घायलों को ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। एक पक्ष पर लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग का आरोप है, हालांकि पुलिस ने गोली लगने से इन्कार किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सीएचसी मलिहाबाद में भर्ती कराया।
गोपालपुर निवासी हीरालाल के अनुसार, उनकी चार बीघा जमीन पर लोधई निवासी श्यामकली से कई दशक से मुकदमा चल रहा है। आरोप है कि मुकदमे के दौरान यह जमीन काकोरी के जानकीखेड़ा निवासी अनिल यादव को बेच दी गई।
बुधवार दोपहर करीब दो बजे अनिल यादव पक्ष के लोग दो कारों से पहुंचे और ट्रैक्टर से जुताई कर जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करने लगे। उनके बेटे घनश्याम यादव, बहू सावित्री, पोते योगेश, हिमांशु व अन्य लोगों ने विरोध किया इस पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।
बांके से जानलेवा हमला कर दिया
आरोप है कि मारपीट के दौरान अनिल कुमार ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से कई राउंड फायरिंग की। वहीं अनिल यादव का कहना है कि उन्होंने जमीन खरीदी है और उसी की जुताई कराने गए थे। आरोप है कि पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने लाठी-डंडों और बांके से जानलेवा हमला कर दिया।
इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और एक पक्ष की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की। मौके से एक कार, एक खोखा और पिस्टल का कवर बरामद हुआ है। गांव में एहतियातन पर्याप्त पुलिस बल तैनात है।
इन लोगों को आई चोट
मारपीट में हीरालाल के पक्ष से कुसुमा, सावित्री, योगेश, सरोज, घनश्याम और हिमांशु घायल हुए। दूसरे पक्ष से कुलदीप, राम सिंह और अनिल यादव चोटिल हुए। सभी घायलों को सीएचसी मलिहाबाद ले जाया गया। कुसुमा और अनिल यादव की हालत गंभीर होने पर उन्हें केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया।
यह है पूरा विवाद
विवादित जमीन मूलरूप से हीरालाल के चचेरे भाई श्यामलाल के नाम थी। वर्ष 1985 में श्यामलाल की मौत के बाद हीरालाल ने जमीन विरासत में ली। श्यामकली ने पंजीकृत वसीयत के आधार पर हीरालाल का नाम निरस्त कराकर जमीन अपने नाम दर्ज कराई। कुछ वर्ष पहले अनिल यादव ने जमीन का बैनामा कराया, पर कब्जा अब भी हीरालाल का है। हीरालाल के अनुसार, मुकदमा एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन है और अगली सुनवाई 20 जुलाई को निर्धारित है।