सार
लखनऊ पुलिस ने गोमतीनगर स्थित समिट बिल्डिंग में फर्जी कॉल सेंटर पर बड़ी कार्रवाई कर अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा किया। छापेमारी में 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने कंप्यूटर, मोबाइल, सर्वर और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद कर नेटवर्क के विदेशी कनेक्शन की जांच शुरू की।
राजधानी पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का राजफाश किया है। गिरोह में शामिल 119 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। गिरोह फर्जी कॉल सेंटर बनाकर लोगों से मोटी रकम ठग रहा था। इंटेलीजेंस की सूचना पर मंगलवार रात में ही पुलिस ने छापा मारकर सभी को हिरासत में ले लिया।
समिट बिल्डिंग के 11वें तल पर फर्जी कॉल सेंटर का संचालन किया जा रहा था। गिरोह के पास से करीब 100 लैपटॉप, 178 कॉलिंग मोबाइल फोन, कंप्यूटर, बड़ी मात्रा में डिजिटल उपकरण, दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए गए हैं। गिरोह डॉलर एप के माध्यम से लोगों से साइबर ठगी कर रहा था। गिरोह का संचालन कर रहे अहमदाबाद निवासी
ऑपरेशन मैनेजर ललित खैराजानी और विक्रम सिंह परमार से पुलिस टीम पूछताछ कर रही है। साइबर थाना और साइबर क्राइम सेल की पूरी टीम को इस फर्जीवाड़े के खुलासे में लगाया गया है। गिरोह में शामिल अन्य लोगों के बारे में पुलिस टीमें पता लगा रही हैं। नेटवर्क से जुड़े लोगों को भी पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी।
लालच देकर करते थे ठगी
पुलिस का कहना है कि इंटेलीजेंस के माध्यम से फर्जी कॉल सेंटर के बारे में जानकारी मिली थी। कॉल सेंटर केवल रात में ही संचालित होता था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह लोगों को मुनाफे का झांसा देकर ठगी करते थे। सूत्रों का कहना है कि गिरोह डिजिटल अरेस्ट में भी शामिल था। आरोपियों ने देश के कई राज्यों में लोगों से ठगी की है, जिसका ब्योरा निकाला जा रहा है। करीब 24 घंटे तक चली पड़ताल के बाद पुलिस ने 119 लोगों को हिरासत में लिया। इनमें युवतियां भी शामिल हैं।