घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं
शिवाजी तिवारी (60) शक्ति भवन से स्टेनो के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनका बेटा सुयश तिवारी (30) नौबस्ता में घर के पास इलेक्ट्रिक की दुकान चलाता था। वह वैवाहिक कार्यक्रमों में लाइट लगाने का ठेका भी लेता था। परिवार के मुताबिक, सुयश का जनेऊ संस्कार 20 नवंबर, तिलक 21 नवंबर और शादी 5 दिसंबर को होनी थी। घटना के बाद परिवार में खुशियों की तैयारियां मातम में बदल गईं।
शंभू तिवारी (55), शिवाजी तिवारी के भाई थे और लखनऊ विश्वविद्यालय में बड़े बाबू के पद पर कार्यरत थे। परिवार की जानकारी के अनुसार, शिवाजी की पत्नी का नाम उषा है और उनका इकलौता बेटा सुयश था। शंभू तिवारी की पत्नी रुचि तिवारी हैं और उनकी बेटी सुमेधा है।
बरगद के पेड़ की बाउंड्री वॉल को लेकर विवाद
परिजनों का कहना है कि नौबस्ता में एक बरगद का पेड़ है, जहां वट सावित्री की वार्षिक पूजा होती है। पेड़ के आसपास नगर निगम की ओर से सभासद के माध्यम से करीब एक महीने से बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जा रहा था। परिवार के मुताबिक, ऋषभ शुक्ला और उसके परिजन इस निर्माण का विरोध कर रहे थे। पहले भी इस मुद्दे पर विवाद हुआ था, लेकिन सभासद के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 10:40 बजे शंभू तिवारी बरगद के पेड़ के पास बैठकर पूजा कर रहे थे। इसी दौरान ऋषभ शुक्ला वहां पहुंचा और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के अन्य लोग भी वहां आ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि इसी दौरान ऋषभ के चाचा राजेश शुक्ला ने लाठी से वार किया, जबकि ऋषभ घर से पिस्टल लेकर आया और कई राउंड फायरिंग की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करीब 10 से 12 गोलियां चलाई गईं। इन दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने क्या बताया?
डीसीपी वेस्ट जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, नौबस्ता में ऋषभ शुक्ला और उसके पड़ोसी शिव तिवारी के बीच गाड़ी खड़ी करने को लेकर कहासुनी हुई थी। विवाद बढ़ने पर ऋषभ ने फायरिंग कर दी, जिसमें तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल भिजवाया गया। तीनों की मौत हो गई।
आरोपी को सिपाही ने पकड़ा
मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी ऋषभ शुक्ला को सिपाही कार्तिक ने मौके से असलहे सहित पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि सिपाही सूचना मिलने पर बिना हथियार के मौके पर पहुंचा और दौड़कर आरोपी को दबोच लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मामले की जांच शुरू
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ऋषभ शुक्ला को हिरासत में ले लिया है और वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल भी बरामद कर ली है। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि बरामद पिस्टल लाइसेंसी है या अवैध और यदि लाइसेंस है तो वह असली है या फर्जी। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और निष्पक्ष वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।