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यूपी: साक्ष्यों के अभाव में बरी हुए राहुल गांधी, 14 मिनट रहे कोर्ट के अंदर; 10 मिनट में जज ने बताया मामला

Mon, 26 Oct 2026 12:13 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, सुल्तानपुर

सार

Rahul Gandhi Amit Shah case: राहुल गांधी सुल्तानपुर कोर्ट से बरी हो गए। उन पर अमित शाह पर मानहानि करने का आरोप था। 
 
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बरी हुए राहुल गांधी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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राहुल गांधी सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट से आज बरी हो गए। उन पर अमित शाह पर टिप्पणी करने का आरोप था। यह मामला 2018 से चल रहा था। राहुल इस मामले में पहले भी कोर्ट में पेश हो चुके थे। सोमवार को वह कोर्ट परिसर में 11 बजकर 19 मिनट में दाखिल हुए। 11 बजकर 33 मिनट में वह कोर्ट से बाहर आ गए। कोर्ट के अंदर लगभग दस मिनट में जज ने पूरे मामले को बताते हुए यह जानकारी भी दी कि उन्हें क्यों बरी किया गया। 

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स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत में हुआ फैसला
गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि के मामले में आज सोमवार को एमपी-एमएलए कोर्ट का फैसला आया। स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने मामले में राहुल गांधी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। कोर्ट के फैसले पर राहुल गांधी के समर्थकों ने आभार प्रकट किया एवं खुशी जताई।

कोतवाली देहात थाने के हनुमानगंज निवासी भाजपा नेता विजय मिश्र ने साल 2018 में राहुल गांधी के जरिये गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणी से नाराज होकर मानहानि का मुकदमा दायर किया था। मामले का ट्रायल एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहा था। मामले मे बहस की कार्यवाही लम्बे समय बाद गत 13 अक्टूबर को पूरी हुई थी। 
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मामले में राहुल गांधी के अधिवक्ता ने अपनी लिखित बहस में विवादित बयान को स्वीकार किया था,पर उसे सदभाव मे दिए जाने एवं किसी को अपमानित करने के इरादे से बयान नहीं देने व तोड़-मरोड़कर बयान पेश किए जाने समेत अन्य तर्क रखे थे। वहीं परिवादी पक्ष के अधिवक्ता ने विवादित बयान देने की बात स्वीकार करने के आधार पर राहुल गांधी को दोषी करार दिए जाने की मांग अदालत से किया था। अदालत ने दोनों पक्षो की बहस सुनकर सोमवार को फैसले के लिए पत्रावली सुरक्षित किया था। अदालत ने अपने फैसले में राहुल गांधी को बड़ी राहत देते हुए दोषमुक्त करार दिया है।

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लगाए गए थे ये आरोप

कोतवाली देहात थाने के हनुमानगंज निवासी भाजपा नेता विजय मिश्र ने साल 2018 में राहुल गांधी के जरिये गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणी से नाराज होकर मानहानि का मुकदमा दायर किया था। मामले का ट्रायल एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहा था। मामले मे बहस की कार्यवाही लम्बे समय बाद गत 13 अक्टूबर को पूरी हुई थी।

मामले में राहुल गांधी के अधिवक्ता ने अपनी लिखित बहस में विवादित बयान को स्वीकार किया था,पर उसे सदभाव मे दिए जाने एवं किसी को अपमानित करने के इरादे से बयान नहीं देने व तोड़-मरोड़कर बयान पेश किए जाने समेत अन्य तर्क रखे थे। वहीं परिवादी पक्ष के अधिवक्ता ने विवादित बयान देने की बात स्वीकार करने के आधार पर राहुल गांधी को दोषी करार दिए जाने की मांग अदालत से किया था। अदालत ने दोनों पक्षो की बहस सुनकर सोमवार को फैसले के लिए पत्रावली सुरक्षित किया था। अदालत ने अपने फैसले में राहुल गांधी को बड़ी राहत देते हुए दोषमुक्त करार दिया है।
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मानहानि मामले में कब क्या हुआ

  • - 4 अगस्त 2018: सहकारी बैंक के तत्कालीन चेयरमैन व भाजपा नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दाखिल किया।
  • - 27 नवंबर 2023: अदालत ने राहुल गांधी को तलब किया।
  • - 20 फरवरी 2024: राहुल गांधी अदालत में पेश हुए और उन्हें जमानत मिली।
  • - 26 जुलाई 2024: राहुल गांधी ने अदालत में अपना बयान दर्ज कराया।
  • - 20 फरवरी 2026: मामले में उनका बयान फिर दर्ज हुआ।
  • - 2 मई 2026: अदालत ने वॉयस सैंपल मिलान की अर्जी खारिज की।
  • - 13 अक्तूबर 2026: दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसले के लिए 26 अक्तूबर की तारीख तय की।
  • -26 अक्तूबर को कोर्ट ने सुनाया फैसला, राहुल गांधी हुए बरी
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