कंपनी के लेटरहेड का दुरुपयोग करने का भी आरोप
मुख्य वित्त अधिकारी ने बताया कि जब मामले की और गहराई से तफ्तीश की गई तो पता चला कि आरोपी फरहान ने 12 सितंबर 2024 को जीएस एक्सप्रेस प्रा. लि. के लेटर हेड का दुरुपयोग किया। लेटर हैड पर उसने पेट्रोल पंप से सीएनजी और ल्यूब्रिकेंट्स के लेनदेन का सत्यापन कर दिया।
जबकि कंपनी में सीएनजी और ल्यूब्रिकेंट्स का उपयोग तक नहीं होता था। गबन के मामले में जब आरोपी से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म स्वीकार लिया। उसने पूरी रकम कंपनी के लौटाने की बात कही। आरोप है कि बाद में वह मुकर गया और गाली-गलौज करने लगा। आरोपी धमकाने लगा। गबन की जांच अभी भी चल रही है।
इन पर हुई कार्रवाई
इंस्पेक्टर गोमतीनगर ब्रजेश चंद्र तिवारी ने बताया कि जांच में मामला सही पाए जाने पर फरहान, उसकी पत्नी, पेट्रोल पंप के कर्मचारी अंकुल कौशल, सुनील सिंह, चार अज्ञात, पंप के प्रबंधक हरि शंकर पांडेय और आईओसीएल के फील्ड ऑफिसर विपुल प्रसाद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की विवेचना शुरू की गई है। शिकायतकर्ता से गबन संबंधी दस्तावेज मांगे गए हैं। साक्ष्य संकलित होने और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।