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यूपी: आजम खां को बड़ा झटका, जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन निरस्त; संपत्तियों पर भी कसेगा आयकर का शिकंजा

Wed, 24 Jun 2026 10:37 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Azam Khan: आयकर विभाग ने बीते दिनों ट्रस्ट पर लगे तमाम आरोपों को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी कर मंगलवार तक जवाब दाखिल करने को कहा था।
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आजम खां - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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पूर्व मंत्री आजम खां और उनके परिजनों की जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन आयकर विभाग ने निरस्त कर दिया है। विभाग ने ट्रस्ट को अपना पक्ष प्रस्तुत करने एवं स्पष्टीकरण देने के लिए पर्याप्त अवसर दिया था, जिसके बाद संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की है। बता दें कि वर्ष 2023 में जौहर ट्रस्ट पर आयकर विभाग के छापों में ट्रस्ट द्वारा की गईं गड़बड़ियों की गहन जांच के बाद रजिस्ट्रेशन निरस्त किया गया है। जां में ट्रस्ट की गतिविधियां अवास्तविक पाई गईं, जो पंजीकरण की शर्तों का उल्लंघन था।

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आयकर विभाग, लखनऊ के प्रधान आयुक्त (केंद्रीय) गौरव बॉथम ने बीते दिनों ट्रस्ट पर लगे तमाम आरोपों को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी कर मंगलवार तक जवाब दाखिल करने को कहा था। सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट की ओर से इस बाबत कोई जवाब नहीं दिया गया, जिसके बाद बुधवार को रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया गया। इस बीच विभाग ने ट्रस्ट के ठिकानों पर छापे की कार्रवाई तथा उसके बाद की विभागीय जांच के दौरान विभिन्न तथ्यों और दस्तावेजों का परीक्षण किया था, जिसमें ट्रस्ट के अभिलेख, लेखा-जोखा एवं अन्य सामग्री शामिल थी। इस दौरान तमाम अनियमितताएं और तथ्य मिले, जिनका संज्ञान लेकर आयकर विभाग ने जांच में शामिल किया और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की थी। साथ ही जौहर ट्रस्ट पर राज्य सरकार द्वारा की गई कार्रवाई, उच्च न्यायालय तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की गई टिप्पणियों और निष्कर्षों का भी संज्ञान लिया। बता दें कि इस प्रकरण की शिकायत भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने आयकर विभाग से की थी। ट्रस्ट द्वारा रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी (निजी) का निर्माण कराया गया था।

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इन गड़बड़ियों की वजह से रजिस्ट्रेशन हुआ निरस्त

- मंत्री रहने के दौरान पद का दुरुपयोग कर जौहर यूनिवर्सिटी का निर्माण कराना
- यूनिवर्सिटी परिसर में मस्जिद और सपा कार्यालय के भवन का निर्माण
- अनुमति से अधिक सरकारी भूमि पर काबिज होना
- यूनिवर्सिटी में बने 59 भवनों की लागत को 10 गुना कम करके बताना
- बोगस डोनेशन लेना, डमी ट्रस्टी बनाना
- ट्रस्ट द्वारा जनहित में कोई भी काम नहीं करना
- भवनों के निर्माण में सरकारी धन का दुरुपयोग
- वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक बैंकों में आय से अधिक नगदी जमा कराना
- दान की रकम को स्वेच्छा के बजाय जबरदस्ती जमा कराना
- बिना हिसाब-किताब वाली रकम को दान दिखाकर खाते में जमा कराना
- भवनों के निर्माण के लिए विभागों से आवश्यक अनुमतियां नहीं लेना
- अग्निशमन के मानकों का पालन नहीं करना
- ट्रस्ट में आजम खां के परिजनों का काबिज होना
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