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यूपी: लखनऊ में क्यूआर कोड का अनोखा अभियान 'वार', स्कैन करते ही सामने आएगा ये डाटा; जानें पोस्टरों का सच

Tue, 22 Sep 2026 01:02 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ

सार

लखनऊ के कई प्रमुख इलाकों में महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े आंकड़ों वाले क्यूआर कोड पोस्टर लगाए गए हैं। क्यूआर कोड स्कैन करने पर लखनऊ और गोरखपुर से संबंधित अपराध आंकड़े और जानकारी सामने आती है। अभियान का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से लोगों को महिलाओं की सुरक्षा और अपराध संबंधी आंकड़ों के प्रति जागरूक करना बताया गया है।

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लखनऊ में क्यूआर कोड का अनोखा अभियान 'वार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी की राजधानी लखनऊ  में इन दिनों एक अनोखा क्यूआर-कोड पोस्टर अभियान लोगों का ध्यान खींच रहा है। हजरतगंज, ऐशबाग, लालबाग, हुसैनगंज, चौक और हुसैनाबाद समेत शहर के कई प्रमुख इलाकों में लगाए गए इन पोस्टरों में महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े आंकड़ों को आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

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कई जगहों पर लगे पोस्टर

इन पोस्टरों में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया है। खास बात यह है कि पोस्टर पर एक इंटरैक्टिव क्यूआर कोड दिया गया है। मोबाइल फोन से इसे स्कैन करने पर लोग लखनऊ और गोरखपुर में महिलाओं के खिलाफ दर्ज अपराधों से संबंधित डेटा और अन्य जानकारी तक पहुंच सकते हैं।

 

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सार्वजनिक जगहों पर सीधे लोगों तक पहुंच रहा डेटा

व्यस्त चौराहों और बाजारों में लगाए गए इन पोस्टरों ने राहगीरों और युवाओं का ध्यान आकर्षित किया है। अभियान के जरिए डिजिटल तकनीक और अपराध से जुड़े आंकड़ों को एक साथ जोड़कर सार्वजनिक स्थानों पर लोगों तक जानकारी पहुंचाने की कोशिश की गई है।

इस तरह के अभियान का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों और उपलब्ध आंकड़ों को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना बताया जा रहा है। साथ ही, क्यूआर कोड के जरिए नागरिकों को आंकड़ों के मूल स्रोत तक पहुंचने का माध्यम भी दिया गया है।
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