अलीगंज स्थित राजकीय आईटीआई परिसर में पांच करोड़ की लागत से प्रदेश की पहली स्किल लैब बन रही है। दो महीने के अंदर विद्यार्थियों को सौंपने की तैयारी है। प्रयोगशाला में आईटीआई से प्रशिक्षण लेने वाले विद्यार्थियों को बुलेट, बाइक व तकनीक क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। राजधानी, कौशल प्रशिक्षण के क्षेत्र में विशेष केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। अलीगंज राजकीय आईटीआई में टाटा मोटर्स, मारुति और एचसीएल कंपनी की ओर से विशेष ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की गई है। विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के साथ ही अलग-अलग कंपनियों में रोजगार भी दिया जा रहा है। इसी के तहत परिसर में रॉयल एनफील्ड कंपनी की ओर से स्किल लैब बनाई जा रही है।
आईटीआई के प्रधानाचार्य राजकुमार यादव ने बताया कि स्किल लैब में एक साथ तीन बैच चलेंगे, प्रत्येक सत्र में 27-27 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। एक साल की ट्रेनिंग के बाद विद्यार्थियों को कंपनी में ही नौकरी दी जाएगी। स्किल लैब में खासकर इलेक्ट्रानिक्स मैकेनिक, इलेक्ट्रिक,फीटर,वेल्डर, डीजल मैकेनिक व अन्य प्रमुख ट्रेड से प्रशिक्षण ले चुके विद्यार्थियों को अवसर अवसर मिलेगा।
मलिहाबाद में बन रहा प्रदेश का पहला इन्क्यूबेशन सेंटर
राजधानी के मलिहाबाद में प्रदेश का पहला सेंटर फॉर इंवेंशन, इनोवेशन,इंक्यूबेशन एंड ट्रेनिंग की स्थापना की जा रही है। आईटीआई विद्यार्थियों को यहां नवीन तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और सॉफ्टवेयर आधारित कोर्स में प्रशिक्षण मिलेगा।
टाटा कंपनी के सहयोग से आईटीआई हो रही अपडेट
टाटा कंपनी के सहयोग से राजकीय आईटीआई को अपडेट किया जा रहा है। अलीगंज, महिलाबाद, मोहनलालगंज व अन्य आईटीआई में विशेष पाठ्यक्रम की शुरुआत भी की गई है। यहां दो साल की आईटीआई के साथ ही विशेष कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भविष्य में अन्य आईटीआई को भी अपडेट करने की तैयारी है।
रेमंड से विशेष प्रशिक्षण लेकर युवतियां हो रही आत्मनिर्भर
कौशल विकास विभाग की विशेष पहल से राजधानी में युवतियों के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जा रही है। अलीगंज राजकीय आईटीआई में रेमंड में आठवीं पास युवतियां विशेष प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बन रही हैं। रेमंड के अनुसार, अलग-अलग सत्र में अबतक 300 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है।
आधुनिक तकनीक से प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार से जुड़ रहे युवा
ड्रोन और रोबोटिक्स जैसे प्रमुख आधुनिक तकनीक से प्रशिक्षण लेने के बाद युवा स्वरोजगार से जुड़ रहे हैं। आईटीआई में तीन से छह महीने की शुरू हुई विशेष प्रशिक्षण के बाद अब तक 100 से अधिक युवाओं ने खुद स्टार्टअप शुरू किया है।