अमेठी का वायनाड कनेक्शन सामने आया है। अमेठी में कांग्रेस चुनाव को लेकर सक्रिय हो गई है। लेकिन प्रत्याशी के नाम पर चुपी साध रखी है। बसपा ने भी अभी तक पत्ते नहीं खोले हैं।
26 अप्रैल 2024, यह वह तारीख है जब वायनाड में चुनाव होना है और इसी दिन से वीआईपी सीटों में शुमार अमेठी के लिए नामांकन। वायनाड का इस बार अमेठी से सीधा कनेक्शन है। दरअसल, वर्ष 2019 के चुनाव में राहुल गांधी ने अमेठी के साथ ही वायनाड से चुनाव लड़ा था।
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इसमें वह अमेठी में भाजपा की स्मृति जूबिन इरानी से 55 हजार 120 वोटों से हार गए थे, जबकि वायनाड से जीत मिली थी। इस बार भी राहुल वायनाड से मैदान में है, जिसके लिए 26 अप्रैल को मतदान होना है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इसके बाद राहुल अमेठी आएंगे। हालांकि अभी इसकी कोई आधिकारिक घोषणा तो नहीं हुई है लेकिन, कांग्रेस के पदाधिकारी जिस तरह से तैयारी कर रहे हैं, उससे साफ है कि अमेठी से राहुल ही चुनाव लड़ेंगे।
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कांग्रेस के पूर्व एमएलसी दीपक सिंह साफ कहते हैं कि राहुल गांधी शुभ मुहूर्त में अमेठी आएंगे। रही बात नामांकन की तो शुभ मुहूर्त हनुमानजी के आशीर्वाद से तय होगा। दावा किया कि अमेठी से राहुल गांधी सांसद बनेंगे और देश में प्रधानमंत्री।
अमेठी को गांधी परिवार अपनी परंपरागत सीट मानता है। वर्ष 1976 में गांधी परिवार ने अमेठी में दस्तक दी थी। उस वक्त संजय गांधी ने यहां पर पहुंच कर श्रमदान करके सियासी भूमि तैयार की। हालांकि 1977 के पहले चुनाव में संजय चुनाव हार गए थे। वर्ष 1980 में वह चुनाव जीते लेकिन, उसी साल विमान हादसे में उनका निधन हो गया।
इसके बाद उपचुनाव में राजीव गांधी ने राजनीतिक पारी शुरू की। इसके बाद से 1984, 1989, 1991 में राजीव गांधी लगातार जीते। यह बात अलग है कि वर्ष 1984 में राजीव गांधी का सियासी मुकाबला छोटे भाई की पत्नी मेनका गांधी से हुआ।
अभी तक सस्पेंस
अमेठी से भाजपा की स्मृति इरानी के समक्ष कांग्रेस से दावेदारी को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। बीच में राबर्ट वाड्रा का एक बयान आया था कि अमेठी के लोग चाहते हैं कि वह चुनाव लड़ें। कांग्रेस के प्रदेश सचिव योगेन्द्र मिश्र कहते हैं कि वायनाड के चुनाव के बाद राहुल गांधी अमेठी आ रहे हैं। जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल कहते हैं कि राहुल गांधी ही अमेठी से चुनाव लड़ेंगे, अमेठी से उनका पारिवारिक नाता है। तैयारी पूरी है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल का कहना है कि 26 अप्रैल की शाम तक घोषणा होने की संभावना है। नामांकन के सवाल पर कहते हैं कि पहले घोषणा तो हो जाय, फिर तिथि तय की जाएगी। कहा कि जिस तरह से आप कर रहे हैं, उसी तरह से हम भी...।
बसपा को लेकर भी असमंजस
अमेठी से अभी तक बसपा ने भी उम्मीदवार का एलान नहीं किया है। पार्टी के नेता बस यही कह रहे हैं कि जल्द ही घोषणा हो जाएगी। वैसे 26 अप्रैल को अंबेडकरनगर में होने वाली रैली पर निगाहें टिकी हुई हैं।
स्मृति के निशाने पर राहुल
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के निशाने पर राहुल गांधी हैं। चुनावी सभाओं में वह साफ-साफ कहती हैं कि पहले अमेठी में लापता सांसद के पोस्टर लगते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। 26 तारीख को वायनाड में वोटिंग होने के बाद गांधी परिवार का काफिला अमेठी आएगा, जिस राहुल ने 15 साल तक अमेठी से तथाकथित रिश्ता जोड़ा था उसे तोड़कर वायनाड चले गए।15 सालों तक अमेठी के लोगों ने एक लापता सांसद को ढोया।अब 26 अप्रैल के बाद अमेठी आएंगे और नया रिश्ता बनाएंगे।