प्रिया सरोज कानून की पढ़ाई के बाद अब चुनावी मैदान में दस्तक दे रहीं हैं। पिता तूफानी सरोज मछलीशहर लोकसभा सीट से चुनाव हार गए थे। अब बेटी यहीं से चुनावी दंगल में भाग्य आजमा रहीं हैं।
प्रिया सरोज चार बहनों व एक भाई के बीच तीसरे नंबर पर हैं। जब वह जन्मीं तो परिवार के जैसे भाग्य ही खुल गए। 1998 में उनका जन्म हुआ और पिता 1999 में सांसद बन गए। लगातार तीन बार सांसद रहे। पिता दिल्ली पहुंचे तो प्रिया की परवरिश और पढ़ाई लुटियन के माहौल में हुई।
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कानून की पढ़ाई की। प्रैक्टिस की शुरुआत सीधे सुप्रीमकोर्ट से की। अब सीधे लोकसभा का चुनाव लड़ने जा रही हैं। प्रिया सरोज ने पिछले साल नवंबर में ही 25 की उम्र पूरी की। सपा से टिकट हासिल करने के साथ ही उन्होंने सियासत में एंट्री ले ली है। प्रिया पूर्व सांसद और जौनपुर के केराकत से मौजूदा विधायक तूफानी सरोज की बेटी हैं।
एयरफोर्स गोल्डन जुबिली इंस्टीट्यूट नई दिल्ली से स्कूली शिक्षा, दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए और एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा से एलएलबी की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की। अब सपा मुखिया अखिलेश यादव ने उन्हें मछलीशहर सीट से प्रत्याशी बना दिया है। वह भाजपा के सिटिंग सांसद बीपी सरोज को चुनौती देंगी।
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इतनी जल्दी और सीधे लोकसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर प्रिया कहती हैं कि कॉलेज व यूनिवर्सिटी की पढ़ाई के दौरान सोशल एक्टिविटी में हमेशा सक्रिय भूमिका निभाई है। राजनीतिक माहौल में ही पली और बड़ी हुई हूं। 2022 के चुनाव में पिताजी विधानसभा चुनाव लड़ने उतरे थे। पूरे चुनाव की जिम्मेदारी संभाल चुकी हूं। क्षेत्र के लोगों को जानती हूं। वे मुझे भी मानते हैं। चुनाव जरूर जीतूंगी।
चुनौती भी कम नहीं, लेकिन आत्मविश्वास भरपूर
मछलीशहर सीट का चुनाव सपा लगातार दो बार हार चुकी है। लोकसभा क्षेत्र की पांच विधानसभा सीटों में से तीन में एनडीए के (भाजपा, अपना दल व सुभासपा के एक-एक) व दो में सपा के विधायक हैं।
पिछला चुनाव भाजपा तब 181 वोटों से जीत गई थी, जब सपा-बसपा गठबंधन का साझा प्रत्याशी था। तब के साझा प्रत्याशी त्रिभुवन राम को भाजपा अपनाकर वाराणसी के अजगरा से विधायक बना चुकी है।
प्रिया के पिता तूफानी सरोज 2014 के चुनाव में इस सीट से मैदान में थे। उन्हें तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा था।
हम चाहते हैं कि लोग अपने नेता से सवाल पूछकर वोट दें
प्रिया चाहती हैं कि लोग अपने हक और कर्तव्य को लेकर जागरूक हों। अपने सांसद-विधायक से उनके वादों पर सवाल करके ही वोट दें। वह कहती हैं, फ्री राशन देकर सरकार नौकरी पर चुप्पी साधे हुए है। कोई नहीं पूछ रहा। महंगाई चरम पर है। आज धर्म की राजनीति हो रही है। आवाज को उठाने के लिए युवाओं को आगे आने की जरूरत है।
पिता तूफानी सरोज तीन बार रहे हैं सांसद
प्रिया के पिता तूफानी सरोज 1999 से 2004 और 2004 से 2009 तक परिसीमन के पूर्व की गाजीपुर जिले की सैदपुर सीट से सांसद रहे हैं। 2009 में मछलीशहर सीट से सांसद चुने गए। 2014 में भी मछलीशहर से लड़े, लेकिन तीसरे स्थान पर रहना पड़ा। 2022 में मछलीशहर की केराकत सीट से विधायक बन गए। प्रिया अब पिता की हार को जीत में बदलने की उम्मीद में उतर रही हैं।