महिला पहलवानों के विवाद में बृजभूषण शरण सिंह पर आरोप तय होने के बाद हाई प्रोफाइल सीटों में शामिल कैसरगंज की सियासी जमीन तपने लगी है। पहले उम्मीदवारी को लेकर चर्चित रही इस सीट पर अब जीत को लेकर नफा नुकसान का अंदाजा लगाया जा रहा है।
इस पर भाजपा ने बृजभूषण शरण सिंह की जगह उनके बेटे करण भूषण पर दांव लगाया है। वहीं, सपा ने भी ब्राह्मण बहुल सीट पर राम भगत मिश्रा जैसे वरिष्ठ अधिवक्ता को मैदान में उतार कर अपने मंसूबों को साफ कर दिया है।
बसपा ने भी इसी जाति के वोट बैंक को साधने के लिए नरेंद्र पांडेय को मैदान में उतार कर लड़ाई को रोचक बना दिया है। ऐसे में करण भूषण के सामने पिता बृजभूषण की सियासी विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती है।
जातीय समीकरण के लिहाज से यहां ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है। करीब साढ़े चार लाख ब्राह्मण वोटर हैं। सभी दलों की निगाहें ब्राह्मणों पर ही रहती हैं।