मासूम को तेंदुआ द्वारा खेत में ले जाने के बाद तलाश करते ग्रामीण
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उर्रा (बहराइच) में मुर्तिहा रेंज के गोलहना गांव निवासी एक महिला अपनी पांच साल की पोती के साथ खेत में काम कर रही थी। भूख लगने पर दादी पोती को खाना खिलाने लगी। इसी दौरान गुरुवार को दोपहर बाद करीब तीन बजे जंगल से आया तेंदुआ गोद से मासूम को उठाकर भाग गया। सूचना पाकर ग्रामीण मौके पर जुट गए। वनकर्मी भी मौके पर पहुंचे। आक्रोशित ग्रामीणों ने वनकर्मियों पर पथराव कर दिया, जिससे वन दरोगा समेत पांच कर्मी घायल हो गए। वनकर्मियों के वाहनों को भी ग्रामीणों ने पलट दिया। दो वन दरोगा घटना के बाद से लापता हैं। सात रेंज के वनकर्मी, सीओ तीन थानों की पुलिस के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। गांव में तनाव बना हुआ है। वहीं, अभी तक मासूम का पता नहीं चल सका है।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मुर्तिहा रेंज अंतर्गत गोलहना गांव जंगल से सटा हुआ है। गांव निवासी विजय बहादुर की मां सुमित्रा अपनी पोती श्रेया (5) के साथ दोपहर में खेत में काम करने गई थी। दोपहर बाद करीब तीन बजे श्रेया को भूख लगी तो वह दादी की गोद में बैठकर खाना खाने लगी। इसी दौरान जंगल से आया तेंदुआ मासूम को गोद से उठा कर भाग गया। सुमित्रा ने मामले की सूचना परिवारीजनों को दी। गांव के लोग तेंदुए के हमले की सूचना पाकर एकत्र हो गए। इसी दौरान पहुंचे वनकर्मियों को देखकर ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव की सूचना पाकर कोतवाली मुर्तिहा और मोतीपुर की पुलिस पहुंच गई।
वनाधिकारियों ने सूचना डीएफओ को दी। डीएफओ यशवंत सिंह ने सात रेंज के वनकर्मियों को मौके पर भेजा, लेकिन गुस्साए ग्रामीणों ने वनकर्मियों पर पथराव जारी रखा। वनकर्मियों के वाहनों को पलट दिया, जिससे कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीणों के हमले में वन दरोगा टीपीएन सिंह, एनके सिंह, वाचर बब्बन मिश्रा, चालक जगदीश तथा वन एसटीपीएफ का जवान घायल हो गये। सूचना पाकर सीओ डॉ. जंग बहादुर यादव, मोतीपुर, सुजौली की पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तनाव को देखते हुए सात रेंज के वनकर्मी, तीन थानों की पुलिस गांव में डटी हुई है। वहीं, अभी तक मासूम का पता नहीं चल सका है।