फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी विधान परिषद: सरकार ने कहा नौ साल में दी चार लाख युवाओं को नौकरी, आरक्षण पर सपा का हंगामा-नारेबाजी

Tue, 10 Feb 2026 09:15 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

UP Legislative Council:यूपी विधानमंडल के बजट सत्र के दूसरे दिन विधान परिषद में कई अहम विषयों पर चर्चा हुई। सरकार ने बताया कि बीते कुछ वर्षों में रोजगार के अवसर कैसे तैयार हुए। 
विज्ञापन
यूपी विधानसभा। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने विधान परिषद में बताया कि प्रदेश में भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुए निवेश के जरिये 3 लाख 91 हजार 44 युवाओं को अब तक मिल चुका है। कुल 16478 इकाइयां धरातल पर उतर चुकी हैं। इनमें कुल 12.10 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है।
विज्ञापन


सपा एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव ने प्रश्न प्रहर में पूछा कि प्रदेश में इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से कितनी कंपनियों ने भाग लिया है और उनमें से कितनी कंपनियों ने अपना उद्योग स्थापित करते हुए काम शुरू किया। जवाब देते हुए मंत्री नंदी ने विधान परिषद में कहा कि वर्ष 2018 में आयोजित निवेश सम्मेलन में 1045 औद्योगिक इकाइयों ने 4.28 लाख करोड़ तो वहीं 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 19 हजार 250 औद्योगिक इकाइयों ने 33.50 लाख करोड़ के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किया था।

इन्वेस्टर्स समिट के बाद शिलान्यास समारोह (जीबीसी) के माध्यम से बड़ी संख्या में इकाइयां स्थापित हुई हैं। जीबीसी-1 में 61792 करोड़ में 81 परियोजनाओं, जीबीसी-2 में 67202 करोड़ में 290 परियोजनाओं, जीबीसी-3 में 80224 करोड़ में 1406 परियोजनाओं और जीबीसी-4 में 10,01,056 करोड़ में 14701 परियोजनाओं समेत कुल 16,478 परियोजनाओं की स्थापना की।
विज्ञापन


आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की छूटी सर्विस लेन का निर्माण जल्द
सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने कन्नौज के तिर्वा क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के चैनेज 196.9 से 197.30 के मध्य छूटी हुई सर्विस लेन के निर्माण कार्य के बारे में पूछा। जवाब में नंदी ने कहा कि छूटी हुई सर्विस लेन के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के कार्यों के लिए 400 करोड़ का बजट स्वीकृत है। अनुबंध गठन के बाद नौ माह के भीतर काम पूरा कर लिया जाएगा।

राजकीय छात्रावासों की तरह बनेंगे अनुदानित छात्रावास -असीम अरुण
सपा के एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने अनुदानित राजकीय छात्रावासों की दशा सुधारे जाने की मांग की। समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि सर्वे के बाद इन छात्रावासों की दशा सुधारने के लिए समुचित कदम उठाए जाएंगे। अनुदानित छात्रवासों को भी राजकीय छात्रावासों जैसा बनाया जाएगा।
 

आरक्षण में गड़बड़ी के मुद्दे पर सपा का हंगामा, विधान परिषद में वेल में आकर की नारेबाजी

सरकारी भर्तियों में आरक्षण में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए विधान परिषद में समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। सदस्यों वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। हंगामा बढ़ने पर सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष के आरोपों को नकारते हुए नेता सदन केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि भाजपा सरकार आरक्षण में रत्ती भर भी गड़बड़ी नहीं होने देगी।

यदि किसी अधिकारी की लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी। सरकारी भर्तियों में आरक्षण में घोटाले का आरोप लगाते हुए सपा एमएलसी मान सिंह यादव ने कहा कि 69000 शिक्षक भर्ती में सरकार की नीयत संदिग्ध है। बीईओ, स्वास्थ्य विभाग और प्रदेश के 31 राज्य विश्नविद्यालयों में की गई भर्तियों का आंकड़ा देते हुए कहा कि किसी में आरक्षण की शर्तों का पालन नहीं किया गया। तंज कसा कि हाईस्कूल के बच्चे भी प्रतिशत निकाल लेते हैं लेकिन अधिकारी नहीं निकाल पाते। किरण पाल कश्यप ने आरक्षण की लूट का आरोप लगाते हुए कहा कि ये भाजपा सरकार का आखिरी बजट है। इस पर भाजपा सदस्यों ने आपत्ति करते हुए हंगामा किया।

नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने सवाल उठाया कि जिन अधिकारियों ने आरक्षण के नियमों का उल्लंघन किया है, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी भर्तियों के विज्ञापन में ही अधिकारी नियमों का अनुपालन नहीं कर रहे हैं।



 
विज्ञापन

सरकार ने रखा अपना पक्ष

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य - फोटो : amar ujala
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सरकारी भर्तियों में आरक्षण के विषय पर सरकार का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार सामाजिक न्याय के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया गया है। विभिन्न श्रेणियों के लिए आरक्षण के बारे मे जानकारी देते हुए कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27%,अनुसूचित जाति के लिए 21%, अनुसूचित जनजाति के लिए 2%, और सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10% आरक्षण की व्यवस्था है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि 40% अनारक्षित श्रेणी, विशेष रूप से सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित नहीं है। आरक्षित वर्ग का कोई भी अभ्यर्थी अनारक्षित श्रेणी की भर्ती प्रक्रिया मे भागीदार हो सकता है। सभी सरकारी भर्तियों में आरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कार्मिक विभाग द्वारा 30 दिसंबर, 2025 को शासनादेश भी जारी किया। उन्होंने 7994 लेखपाल पदों का विस्तृत विवरण देते हुये बताया कि 3205 अनारक्षित, 1679 अनुसूचित जाति के लिए, 160 अनुसूचित जनजाति के लिए, 2158 अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए, और 792 आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लिये करते हुए विज्ञापन की गलती का सुधार कराया गया।

उन्होंने कहा कि यदि किसी भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों के उल्लंघन की शिकायत प्राप्त होती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी तथा दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। मौर्य ने विपक्ष, विशेषकर सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज आरक्षण के नाम पर घड़ियाली आँसू बहा रहे हैं, उनके शासनकाल में पिछड़ों और दलितों का हक छीनकर केवल एक खास वर्ग और परिवार को लाभ पहुंचाया जाता था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें