सरकारी भर्तियों में आरक्षण में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए विधान परिषद में समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। सदस्यों वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। हंगामा बढ़ने पर सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष के आरोपों को नकारते हुए नेता सदन केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि भाजपा सरकार आरक्षण में रत्ती भर भी गड़बड़ी नहीं होने देगी।
यदि किसी अधिकारी की लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी। सरकारी भर्तियों में आरक्षण में घोटाले का आरोप लगाते हुए सपा एमएलसी मान सिंह यादव ने कहा कि 69000 शिक्षक भर्ती में सरकार की नीयत संदिग्ध है। बीईओ, स्वास्थ्य विभाग और प्रदेश के 31 राज्य विश्नविद्यालयों में की गई भर्तियों का आंकड़ा देते हुए कहा कि किसी में आरक्षण की शर्तों का पालन नहीं किया गया। तंज कसा कि हाईस्कूल के बच्चे भी प्रतिशत निकाल लेते हैं लेकिन अधिकारी नहीं निकाल पाते। किरण पाल कश्यप ने आरक्षण की लूट का आरोप लगाते हुए कहा कि ये भाजपा सरकार का आखिरी बजट है। इस पर भाजपा सदस्यों ने आपत्ति करते हुए हंगामा किया।
नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने सवाल उठाया कि जिन अधिकारियों ने आरक्षण के नियमों का उल्लंघन किया है, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी भर्तियों के विज्ञापन में ही अधिकारी नियमों का अनुपालन नहीं कर रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
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उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सरकारी भर्तियों में आरक्षण के विषय पर सरकार का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार सामाजिक न्याय के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया गया है। विभिन्न श्रेणियों के लिए आरक्षण के बारे मे जानकारी देते हुए कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27%,अनुसूचित जाति के लिए 21%, अनुसूचित जनजाति के लिए 2%, और सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10% आरक्षण की व्यवस्था है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 40% अनारक्षित श्रेणी, विशेष रूप से सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित नहीं है। आरक्षित वर्ग का कोई भी अभ्यर्थी अनारक्षित श्रेणी की भर्ती प्रक्रिया मे भागीदार हो सकता है। सभी सरकारी भर्तियों में आरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कार्मिक विभाग द्वारा 30 दिसंबर, 2025 को शासनादेश भी जारी किया। उन्होंने 7994 लेखपाल पदों का विस्तृत विवरण देते हुये बताया कि 3205 अनारक्षित, 1679 अनुसूचित जाति के लिए, 160 अनुसूचित जनजाति के लिए, 2158 अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए, और 792 आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लिये करते हुए विज्ञापन की गलती का सुधार कराया गया।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों के उल्लंघन की शिकायत प्राप्त होती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी तथा दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। मौर्य ने विपक्ष, विशेषकर सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज आरक्षण के नाम पर घड़ियाली आँसू बहा रहे हैं, उनके शासनकाल में पिछड़ों और दलितों का हक छीनकर केवल एक खास वर्ग और परिवार को लाभ पहुंचाया जाता था।