विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान नेता सदन और नेता प्रतिपक्ष के बीच खूब व्यंगबाण चले। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं विपक्ष को शुभकामना देता हूं कि विधानसभा चुनाव में आप भी जीतें और उसी तरफ (विपक्ष की सीट) बैंठे रहें। उन्होंने विपक्ष से अनुपुरक बजट पारित कराने की अपील करते हुए कहा कि आगे भी आप का इसी तरह सहयोग मिलता रहे और हम बजट पारित कराते रहें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सत्ता में आएंगे तो कम से कम यह तो कह पाएंगे कि राम गोविंद चौधरी एक नेता प्रतिपक्ष थे, जो बजट पास कराने में मदद करते थे। मुख्यमंत्री की इस तंज पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सपना देखते रहिए, इसमें कोई हर्ज नही हैं। इंजतार करते रहिए।
करीब दो घंटे के भाषण में कई ऐसे मौके आए जब मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष ने एक दूसरे पर तंज कसे। मुख्यमंत्री ने राम गोविंद चौधरी की तारीफ करते हुए कहा कि आप तो चंद्रशेखर जी के शिष्य थे और असली समाजवादी थे। उन्होंने अपने जीते जी कभी भी अपने परिवार को राजनीति में नहीं आने दिया। आप कहां इस परिवारवादी पार्टी के चक्कर में पड़ गए हैं। इधर आ जाइए। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हम प्राण रहने तक सपा में ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि आप साल में एकाध बार ही अपने क्षेत्र जाते हैं। इसलिए हमने आपकी सुविधा के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का निर्माण आपकी सुविधा के लिए बनवाया है। इसलिए आपको कम से कम शिष्टाचार के नाते एक बार सरकार को धन्यवाद तो देना ही चाहिए था।
सपा का स्पोर्ट तो तमंचा है
सरकार की खेल के प्रोत्साहन को लेकर किए जा रहे दावे पर विपक्ष द्वारा किए जा रहे टीका-टिप्पणी पर मुख्यमंत्री ने भी चुटकी लेते हुए कहा सपा की ओर इशारा करते हुए कहा इनकों खेल से क्या लेना-देना। इनका स्पोर्ट तो तमंचा है। इस पर नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने भी पलटवार किया। उन्होंने भी चुनौती देते हुए कहा कि चाहें तो पहलवानी, हाकी, कुश्ती, क्रिकेट किसी भी खेल में मुकाबाला हो जाए। आइये सदन में ही दो-दो हाथ हो जाए।
बेटियों को अब स्कूल जाने से डर नहीं लगता
प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष के हमले का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि यूपी की कानून-व्यवस्था की बेहतरी का अंदाजा कैराना की स्थिति से लगाया जा सकता है, जहां से पलायन करके जाने वाले वापस आ गए हैं। कैराना पलायन के पीड़ितों से मुलाकात में बेटियों ने बताया कि उन्हें स्कूल जाने से अब डर नहीं लगता। उन्होंने कहा कि वास्तव में इस मामले में सरकार को प्रदेश की हर माता-बहन का आशीर्वाद मिला है। महिलाओं और बेटियों को उनकी सरकार ने सुरक्षा देने का काम किया है। स्थिति यह है कि माफिया जमानत पर छूटने के बाद भी जेल जा रहे हैं।