डालीबाग में माफिया मुख्तार अंसारी (मृत) की जमीन पर बने प्रधानमंत्री आवासों का अब एलडीए आवंटन करेगा। इसको लेकर अगस्त में एलडीए पंजीकरण खोलेगा। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि डालीबाग में जमीन पर अवैध कब्जा कर माफिया मुख्तार ने बिल्डिंग बनाई थी। जिसे ध्वस्त किया गया था। जिस जमीन पर यह बिल्डिंग बनी थी वह मुख्तार के बेटों के नाम बताई जा रही थी। जमीन पर सरकारी कब्जा लिए जाने के बाद उस पर एलडीए ने करीब दो साल पहले प्रधानमंत्री योजना के 72 फ्लैटों का निर्माण कराया है। जिसका कुछ काम बाकी है उसको दो तीन महीने में पूरा कर लिया जाएगा। उसके लिए ठेकेदार फर्म का चुनाव किया जा रहा है क्योंकि जो ठेकेदार पहले बना रहा था उसका निधन हो गया है। वीसी ने बताया पंजीकरण खोलने में देरी इस कारण हुई क्योंकि मामला कोर्ट में था। वहां से अब एलडीए को राहत मिल गई है। ऐसे में अब पंजीकरण खेाला जाएगा।
निष्क्रांत सम्पत्ति पर कब्जा बनाई थी कोठी
डालीबाग में निष्क्रांत संपंत्ति (आठ मार्च 1954 के बाद पाकिस्तान गए लोगों की संपत्ति जो कि अब सरकारी है।) पर कब्जा लेकर मुख्तार ने अपने परिजनों के नाम आलीशान कोठी बनवाई थी। वर्ष 2020 में एलडीए ने इसे ध्वस्त कर दिया और जमीन राज्य सरकार के पास आ गई। इसी 2321 वर्गमीटर भूमि पर एलडीए ने जी प्लस तीन मंजिला आवास बनाए है। जानकारों का कहना है कि मुख्तार अंसारी ने फरहत अंसारी के नाम पर डालीबाग में पहले बिना नक्शा पास मकान बनवा लिया था। बाद में फर्जी कागजों के आधार पर एलडीए से नक्शा पास करवाया। शमनीय मानचित्र वर्ष 2007 में पास करवाया गया। निर्माण पूरा होने पर कोई कार्रवाई न करके नक्शा पास कर दिया गया था।