बिजली को लेकर विधानसभा में बुधवार को विपक्ष और सत्ता पक्ष में जमकर तकरार हुई। विपक्ष ने इटावा, कन्नौज जैसे चुनिंदा क्षेत्रों को छोड़कर पूरे प्रदेश में कहीं भी शिड्यूल के मुताबिक बिजली आपूर्ति न होने को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की तो सत्ता पक्ष की ओर से बसपा पर हमला बोला गया।
संसदीय कार्य मंत्री आजम खां ने नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य पर अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बसपा पूरे समाज को लूटकर खा गई। पूरे प्रदेश को लूट लिया। यूपी इनका पाप ढो रहा है।
प्रश्न प्रहर में कांग्रेस के अजय कुमार लल्लू, भाजपा के सतीश महाना व अन्य सदस्यों के एक सवाल के जवाब में ऊर्जा राज्यमंत्री यासर शाह ने बताया कि प्रदेश में रोस्टर के अनुसार आपूर्ति की जा रही है।
गांवों को 10 घंटे, तहसीलों को 12 घंटे, जिलों को 15 घंटे, मंडलों को 18 घंटे, महानगरों को 20 घंटे, बुंदेलखंड को 15 घंटे तथा उद्योगों व ताज ट्रिपेजियम क्षेत्र को 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है।
वादे को बता दिया चुनावी जुमला
अजय कुमार लल्लू अनुपूरक सवाल पूछने खड़े हुए तो भाजपा के सदस्य भी खड़े होकर बोलने लगे। लल्लू ने कहा कि जैसे लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री ने सभी के खाते में 15-15 लाख रुपये पहुंचने की बात कही थी और जिसे बाद में अमित शाह ने चुनावी जुमला बता दिया क्या उसी तरह बिजली को लेकर राज्य सरकार का वादा भी चुनावी जुमला तो नहीं?
इटावा, कन्नौज, मैनपुरी जैसे चुनिंदा क्षेत्रों को छोड़कर कहीं भी शिड्यूल के अनुसार बिजली नहीं मिल रही है। शोर-शराबे के बीच भाजपा के सदस्यों ने सरकार पर लोगों को बिजली न दे पाने का आरोप लगाते हुए सदन से बहिर्गमन किया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार सदन को गुमराह कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी ताज ट्रिपेजियम क्षेत्र में 10-10 घंटे कटौती की जा रही है। सभी सदस्य अपने क्षेत्र में कटौती से पीड़ित हैं। यासर शाह ने कहा व्यावहारिक रूप से तो बहुत सी चीजें कठिन हैं।
इस सरकार को 25000 करोड़ रुपये का बोझ देना भी कठिन था। बिगड़ी बिजली व्यवस्था को पटरी पर लाना भी कठिन था। राज्यमंत्री के इस कटाक्ष से तिलमिलाए बसपा सदस्य वेल में आकर हंगामा व नारेबाजी करने लगे।
25 हजार करोड़ का कर्ज छोड़कर गई बसपा
आजम ने बसपा के इस रवैये पर ऐतराज जताते हुए कहा कि जब मंत्री नेता प्रतिपक्ष के सवाल का जवाब दे रहे हैं तो उन्हें सुनना चाहिए। 25000 करोड़ का कर्ज छोड़कर गई थी पिछली सरकार। इसी बीच अध्यक्ष ने प्रश्न प्रहर समाप्त होने की घोषणा कर दी। इसके बाद माहौल शांत हुआ।
अतिरिक्त बिजली खरीदकर पूरी की जा रही कमी
ऊर्जा राज्यमंत्री यासर शाह ने विधानसभा में बताया कि प्रदेश में ताप एवं जल विद्युत इकाइयों से मौजूदा समय में रोजाना औसतन 3103 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। बिजलीघरों का प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बिजली की मांग और आपूर्ति में अंतर को पूरा करने के लिए अतिरिक्त बिजली खरीदी जा रही है।
एक सवाल के जवाब में ऊर्जा राज्यमंत्री ने बताया कि इस समय राज्य विद्युत उत्पादन निगम की 18 इकाइयों में उत्पादन हो रहा है। आठ इकाइयां नवीनीकरण, आधुनिकीकरण, डिलीशन, रेस्टोरेशन व ओवरहॉलिंग के लिए बंद हैं।
स्थायी रूप से बंद इकाइयों को दोबारा चलाने से उन्होंने यह कहते हुए इन्कार कर दिया कि इन्हें चलाना आर्थिक रूप से फायदेमंद नहीं रह गया है।