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यूपी: त्योहारों पर चौबीस घंटे बिजली देने के निर्देश, पुलिस भर्ती परीक्षाओं के दौरान भी नहीं होगी बिजली कटौती

Wed, 14 Aug 2024 07:04 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Power on festivals in UP: यूपी में आने वाले त्योहारों के दौरान चौबीस घंटे बिजली सप्लाई करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान आने वाली फॉल्ट को ठीक करने को लेकर भी गाइड लाइन जारी की गई है। 
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बिजली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश सरकार ने लोगों को त्योहारों का तोहफा दिया है। रक्षाबंधन से लेकर जन्माष्टमी तक 24 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश मिले हैं।  पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डाॅ. आशीष कुमार गोयल ने सभी अभियंताओं को स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी के अलावा पुलिस भर्ती परीक्षा के अवसर पर निर्बाध बिजली देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वितरण निगमों के प्रबंधन निदेशकों एवं मुख्य अभियंताओं निर्देशित किया है कि जहां भी लोकल फाॅल्ट की समस्या ज्यादा हो, वहां जरूरी सामग्री व संसाधनों की व्यवस्था हो जिससे कि न्यूनतम समय में फाॅल्ट को ठीक कराया जा सके। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रखा जाए। 1912 पर आने वाली सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई करें। 

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बिजली उपभोक्ताओं से हर माह 4.40 करोड़ वसूलने की तैयारी
पावर कॉरपोरेशन ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर के कनेक्शन जोड़ने व काटने का शुल्क 50 रुपया लेने के मामले में विद्युत नियामक आयोग में जवाब दाखिल कर दिया है। उपभोक्ता परिषद ने इस शुल्क को गैरकानूनी बताया है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि मैसेज और कनेक्शन काटने व जोड़ने के नाम पर बिजली निगमों ने अब हर माह 4.40 करोड़ रुपया उपभोक्ताओं से कमाने की रणनीति अपनाई है।

दरअसल, बिजली निगमों ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर में बैलेंस खत्म होने के बाद आपूर्ति काटने के लिए भेजे जाने वाले एसएमएस का 10 रुपया प्रति मैसेज चार्ज और कनेक्शन जोड़ने व काटने का शुल्क 50 हर बार लेने का प्रस्ताव दिया था। इस पर उपभोक्ता परिषद की आपत्ति के बाद नियामक आयोग ने पावर कॉरपोरेशन से जवाब मांगा था।
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इसके जवाब में कॉरपोरेशन ने तर्क दिया है कि सरकारी उपक्रम, बैंक व वित्तीय संस्थान भी एसएमएस का चार्ज लेते हैं। इस पर आपत्ति जताते हुए उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर में कनेक्शन जोड़ने व काटने का शुल्क शून्य होना चाहिए। क्योंकि प्रत्येक माह सभी निगमों में लगभग 3.50 लाख कनेक्शन बकाये पर काटे जाते हैं। भविष्य में यह संख्या बढ़नी तय है। इस तरह बिजली निगमों ने उपभोक्ताओं से हर माह 4.40 करोड़ रुपया कमाने की रणनीति बनाई है।
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