14 अक्टूबर को चार भारवर्गों के ट्रायल
नॉन-ओलंपिक भारवर्गों के ट्रायल पहले ही पूरे हो चुके हैं और 16 भारवर्गों के लिए चयनित पहलवानों की घोषणा भी की जा चुकी है। अब 14 अक्टूबर को साई सेंटर में चार भारवर्गों के ट्रायल आयोजित किए जाएंगे। इनमें फ्रीस्टाइल के 74 और 125 किलोग्राम तथा ग्रीको-रोमन के 87 और 96 किलोग्राम भारवर्ग शामिल हैं। इन ट्रायल के बाद भारतीय दल के बाकी पहलवानों का चयन किया जाएगा।
अमन सहरावत और सुजीत कलकल से उम्मीदें
भारतीय फ्रीस्टाइल टीम के मुख्य कोच विनोद कुमार के मुताबिक, एशियाई खेलों में मिली सफलता पहलवानों को विश्व चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने स्वर्ण पदक विजेता अमन सहरावत और सुजीत कलकल से खास उम्मीद जताई। इसके अलावा दीपक पूनिया को भी पदक का मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
वहीं, भारतीय ग्रीको-रोमन टीम के मुख्य कोच हरगोविंद सिंह ने कहा कि इस वर्ग के पहलवानों ने भी एशियाई खेलों में अच्छा प्रदर्शन किया था। विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतना और खाली हाथ नहीं लौटना टीम की बड़ी चुनौती होगी। उन्होंने नितेश और सुनील कुमार से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई।
पिछले वर्ष क्रोएशिया के जाग्रेब में हुई विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पुरुष टीम को कोई पदक नहीं मिला था। ऐसे में इस बार एशियाई खेलों की सफलता के दम पर भारतीय पहलवान पदक का सूखा खत्म करने के इरादे से मैट पर उतरेंगे।