सीएम योगी आदित्यनाथ, सपा प्रमुख अखिलेश यादव
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फर्रुखाबाद लोकसभा सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा के मुकेश राजपूत और समाजवादी पार्टी के डॉ. नवल किशोर शाक्य के बीच है। सीधी लड़ाई में बसपा उम्मीदवार कहीं भी नजर नहीं आए। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि मतदान के दौरान न तो बसपा प्रत्याशी कहीं दिखे और न ही उनके किसी भी मतदान केंद्र पर बस्ते लगे। दो बार से लगातार सांसद रहे भाजपा प्रत्याशी मुकेश राजपूत के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर (एंटी इंकबेंसी) से सदर सीट पर बड़ी संख्या वोटों के कटना का फैक्टर असर डाल सकता है। शाक्य समाज का प्रत्याशी समाजवादी पार्टी से लड़ने से शाक्य मतदाता भाजपा से कटकर सजातीय प्रत्याशी की ओर रुख कर रहा है। ऐसे में भाजपा को नुकसान होने की आशंका है। यहीं हाल पाल समाज के वोटरों का है। शहरी क्षेत्र की अपेक्षा ग्रामीण इलाकों में मतदान के लिए केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें दिखीं। मौसम भी मतदान के अनुकूल रहा। सुबह बूंदा-बांदी के बाद हल्की धूप रही।
अकबरपुर में भाजपा और सपा के बीच कांटे की टक्कर
अकबरपुर लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र सिंह उर्फ भोले का सीधा मुकाबला सपा गठबंधन प्रत्याशी राजाराम पाल से है। बसपा प्रत्याशी राजेश कुमार द्विवेदी की लड़ाई कमजोर है। कुछ लोग वर्तमान सांसद से नाराज है। इस वजह से पिछड़े वर्ग के मतदाताओं का रुझान गठबंधन की ओर हुआ है। इसमें मैथा और रूरा क्षेत्र के कुछ जगहों पर ब्राह्मण भी बंटा है। शहरी क्षेत्र की तुलना में ग्रामीण क्षेत्र में मतदान की स्थिति बेहतर रही है। हालांकि पिछले चुनाव से मतदान सुस्त है। शहरी क्षेत्र में युवा मतदाता काफी उत्साहित रहा। हर बूथ पर युवाओं की भीड़ भी दिखी।
हरदोई में कोर वोटर तक सिमटी बसपा
हरदोई लोकसभा सीट पर सीधा मुकाबला भाजपा प्रत्याशी जय प्रकाश और सपा प्रत्याशी ऊषा वर्मा के बीच हुआ। बसपा प्रत्याशी अपने कोर वोटर तक ही सिमटे नजर आए। जय प्रकाश की क्षेत्र में अनुपलब्धता को लेकर कुछ इलाकों में मतदाताओं में गुस्सा नजर आया। ऊषा वर्मा पिछले दो लोकसभा और एक विधानसभा चुनाव हार चुकी हैं। अपना आखिरी चुनाव बताकर उन्होंने मतदाताओं से सहयोग मांगा था। यह मुद्दा उनके पक्ष में जाता दिखा। सपा और भाजपा प्रत्याशी पासी बिरादरी से आते हैं, लेकिन पासी मतदाताओं का रुझान सपा प्रत्याशी की ओर नजर आया। विधानसभा क्षेत्रवार बात की जाए तो भाजपा प्रत्याशी को हरदोई और सवायजपुर से बड़ी बढ़त मिलने की उम्मीद है। शाहाबाद, गोपामऊ विधानसभा सीट पर दोनों प्रत्याशियों में कांटे की टक्कर है, जबकि सांडी सीट सपा प्रत्याशी के पक्ष में नजर आ रही है।
उन्नाव में रहा सीधा मुकाबला
उन्नाव लोकसभा सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा प्रत्याशी साक्षी महाराज और सपा प्रत्याशी अन्नू टंडन के बीच रहा। हालांकि, बसपा के प्रत्याशी अशोक पांडेय ने कैडर वोट के अलावा भाजपा के पाले से भी उसका परंपरागत वोट खींचने में सफलता हासिल की। ब्राह्मण प्रत्याशी होने से भाजपा के परंपरागत वोट में सेंधमारी की है। इससे मुकाबला कांटे का हो गया है। पहले और दूसरे नंबर की लड़ाई भाजपा और सपा के बीच है। यहां मोदी फैक्टर भाजपा के लिए एकबार फिर कारगर साबित हुआ दिखा। हालांकि, चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा प्रत्याशी से नाराजगी दिख रही थी, पर मतदान का समय आते-आते भाजपा के वोटरों ने ईवीएम का बटन दबाकर अपना वोट मोदी को समर्पित कर दिया। नवाबगंज ब्लाक के सेमरा व रुदवारा गांव के लोगों ने और बांगरमऊ के रबड़ी सहित दो बूथों पर मतदान बहिष्कार किया। हालांकि प्रशासन और प्रत्याशियों के समझाने पर दोपहर बाद लोगों ने मतदान किया।
यूपी में चौथे चरण की सबसे चर्चित सीट रही कन्नौज संसदीय क्षेत्र में सोमवार को हुए चुनाव में सपा और भाजपा के बीच सीधी लड़ाई दिखी। पांचों विधानसभा सीट पर दोनों में जोरदार मुकाबला होता दिखा। बसपा यहां अस्तित्व की लड़ाई लड़ती दिखी। इक्का-दुक्का जगहों पर ही बसपा में उत्साह दिखा। खुद अखिलेश यादव के चुनाव लड़ने से सपा पिछली बार के मुकाबले कई जगह रेस में आगे होती दिखी। भाजपा के पक्ष में वोट देने पहुंचने वालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का क्रेज दिखा। हालांकि कुछ जगहों पर सत्ता विरोधी लहर का फायदा सपा उठाती दिखी। तिर्वा में रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा के विवाद का असर दिखा। यहां कुछ जगहों पर लोधी वोटर सांसद से नाराजगी जताते हुए सपा के पक्ष में वोटिंग करते दिखे। दोपहर होते-होते खुद अखिलेश यादव ही सैफई से कन्नौज पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने जिन बूथों पर भाजपा की ओर से गड़बड़ी की शिकायत की, उनमें से कई जगह पहुंचे। तिर्वा के सौरिख में एक बूथ पर सुबह भाजपा विधायक ने एक सिपाही को सपा के पक्ष में मतदान के आरोप में खरी-खोटी सुनाई थी, अखिलेश उससे मिलने पहुंचे। 11 घंटे तक चली मतदान की प्रक्रिया के बाद अखिलेश यादव के बूते सपा यहां बढ़त लेती हुई दिख रही है।
शाहजहांपुर में राम मंदिर के निर्माण ने दिखाया असर
शाहजहांपुर सीट पर भाजपा प्रत्याशी अरुण सागर और सपा प्रत्याशी ज्योत्सना गौंड के बीच सीधी टक्कर हुई है। बसपा प्रत्याशी दोदराम वर्मा को कैडर वोट मिलने की संभावना है। हालांकि अनुसूचित जाति के वोटों में भाजपा ने भी सेंध लगाई है। इस सीट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राम मंदिर के नाम पर मतदाता भाजपा के पक्ष में एकजुट दिखा। वहीं कांग्रेस से गठबंधन के साथ सपा मुस्लिम, यादव और कश्यप वोटों के सहारे जीत का दावा कर रही है। किसी वर्ग विशेष की नाराजगी नजर नहीं आई। ग्रामीण क्षेत्र की विधानसभा सीटों पर शहर के मुकाबले अधिक मतदान हुआ है।
खीरी में हाथी ने मुश्किल किया जीत-हार का गणित
खीरी सीट पर दो बार के सांसद व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी और सदर विधायक रह चुके इंडिया गठबंधन प्रत्याशी उत्कर्ष वर्मा के बीच मतदान से पहले तक राजनीतिक लोग सीधी टक्कर के समीकरण मान रहे थे, लेकिन मतदान में हाथी की चाल देखकर सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले की गुणा-भाग शुरू हो गई है।बहुजन समाज का कैडर बसपा को वहीं मुस्लिम वोट इंडी गठबंधन को मिलने की चर्चाएं हैं। बसपा ने यहां सिख समुदाय के प्रत्याशी अंशय कालरा को मैदान में उतारा है। इससे परिणाम प्रभावित होगा। चर्चित तिकोनियां कांड का चुनाव में ज्यादा असर नहीं हुआ लेकिन दो बार के सांसद पर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों पर फोकस नहीं करने, सड़कें नहीं बनाने समेत अन्य कार्य न कराने का आरोप लगाते हुए कई जगह ग्रामीणों में नाराजगी दिखाई।
पीएम मोदी और सीएम योगी
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धौरहरा सीट पर सीधे तौर पर त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा रहा है। दो बार की सांसद भाजपा प्रत्याशी रेखा अरुण वर्मा व भाजपा छोड़ बसपा से टिकट लेकर लड़ रहे ब्राह्मण प्रत्याशी श्याम किशोर अवस्थी में मतदान होने तक सीधी टक्कर मानी जा रही थी। लेकिन, मतदान के अंतिम समय में इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी आनंद सिंह भदौरिया की साइकिल भी खूब दौड़ी। सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार बने हैं। इस सीट पर जातीय समीकरण का बड़ा असर देखा गया है, इसलिए सभी प्रत्याशी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। मुस्लिम मतदाताओं का रुझान इंडिया गठबंधन की ओर दिखा। भाजपा सांसद पर कई क्षेत्रों में विकास कार्य न कराने के आरोप लगाते हुए अगड़ी-पिछड़ी जातियों में कई जगह मतदाताओं में नाराजगी दिखी।
बहराइच लोकसभा सीट - महसी में जबरदस्त वोटिंग से भाजपा को उम्मीद
बहराइच सुरक्षित सीट पर मतदान के दौरान भाजपा के डा. आनंद कुमार गोंड व सपा प्रत्याशी रमेश गौतम के बीच सीधी टक्कर दिखी। यहां बसपा प्रत्याशी बृजेश सोनकर काडर वोट भी नहीं समेट सके। अनुसूचित वोटर में भाजपा ने सेंध लगाई, वहीं अल्पसंख्यक मतदाताओं ने इंडिया गठबंधन के सपा प्रत्याशी को इकतरफा वोट किया। इस सबके बीच ब्राह्मण बहुल महसी विधानसभा में जबर्दस्त वोटिंग ने भाजपा को बड़ी उम्मीद दी है।
सीतापुर में कांटे की टक्कर
यहां तमाम कयासों को दरकिनार करते हुए मतदान के दिन मतदाता दो भाजपा व इंडिया गठबंधन में बंटे नजर आए। यहां भाजपा के राजेश वर्मा व सपा के राकेश राठौर के बीच सीधी टक्कर हुई। उम्मीद के अनुसार बसपा के महेंद्र यादव सजातीय वोट भी नहीं हासिल कर सके। अलबत्ता काडर वोट हासिल करने में वह सफल रहे। यहां के ब्राह्मण बहुल सेवता विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक मतदान को भाजपा अपने हित में बता रही है।