हालांकि, इस मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में कुल प्रादेशिक वर्षा सामान्य से कम रही है। वर्तमान में वास्तविक वर्षा 140.9 मिमी दर्ज की गई है, जबकि सामान्य वर्षा का औसत 169.4 मिमी है, जो कि सामान्य से 17 प्रतिशत कम है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य औसत (187.7 मिमी) के मुकाबले केवल 113.5 मिमी बारिश हुई है, जो 40 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है। इसके विपरीत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून मेहरबान रहा है; वहाँ सामान्य औसत (143.7 मिमी) के मुकाबले 180.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 25 प्रतिशत अधिक है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 11 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है। वहीं, 12 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।